शिक्षा गुणवत्ता और सुविधा पर दिया जोर
झांसी। शुक्रवार को बुंदेलखंड अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (बीआईईटी) में प्रशासकीय परिषद की 28वीं बैठक हुई, जिसमें शिक्षा, सुविधा, प्लेसमेंट को लेकर मंथन हुआ। बैठक में 11 सदस्यीय दल ने रखे गए सुझाव की सराहना करते हुए उन पर काम करने पर सहमति दी। परिषद के अध्यक्ष ने झांसी शहर के विकास के लिए संस्थान की प्रतिभागिता का प्रस्ताव दिया, जिसका समस्त सदस्यों द्वारा समर्थन किया।
बैठक में परिषद के अध्यक्ष इंजीनियर राकेश गुप्ता ने कार्यसूची में सोलर सिस्टम को स्थापित कराए जाने पर आने वाले खर्च एवं उसकी उपयोगिता की समीक्षा की। साथ ही दिशा निर्देश दिए कि सोलर पार्क की स्थापना चरणबद्ध तरीके से की जाए ताकि वास्तविक उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए आगे वाले चरणों को पूरा किया जा सके। क्योंकि, सोलर प्लांट की स्थापना के बाद संस्थान विद्युत आपूर्ति के क्षेत्र में पूर्ण रूप से स्वतंत्र एवं आत्मनिर्भर बन जाएगा।
परिषद ने संस्थान के सभी पाठ्यक्रमों का प्रमाणित कराने के लिए समय सीमा निर्धारित करते हुए रूपरेखा तैयार की, जिसके अंतर्गत समस्त विभाग अपनी अपनी तैयारियों को पूर्ण करेंगे। इस कार्य को करने के लिए अन्य संस्थान से भी विशेषज्ञों को आमंत्रित करने की अनुमति प्रदान की गई। साथ ही संस्थान के छात्रों के प्लेसमेंट को बढ़ावा देने के लिए नीति बनाने का निर्देश देते हुए कहा कि छात्रों के प्लेसमेंट हेतु बाहरी एजेंसियों को एजेंसी को हायर किए जाने की रूपरेखा भी तैयार कर ली जाए।
संस्थान में विश्व बैंक सहायक टेक्यूप-3 से संबंधित प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए नई प्रयोगशालाओं की स्थापना एवं वर्तमान प्रयोगशालाओं के उच्चीकरण की कार्रवाई एवं अन्य क्रय किए गए उपकरणों एवं सामान की जानकारी परिषद के समक्ष प्रस्तुत की गई।
परिषद के समक्ष वर्ष 2019-20 हेतु टेक्यूप-3 के अंतर्गत कराए जाने वाले कार्यों की रूपरेखा प्रस्तुत की, जिस पर परिषद के सभी सदस्यों ने सहमति प्रदान की। वर्ष 2018-19 में संस्थान में बीटेक के छात्रों ने गेट-2019 में अच्छा प्रदर्शन किया था, जिसमें संस्थान के कुल 209 छात्रों ने गेट-.2019 की परीक्षा में प्रतिभाग किया था। उसमें से 115 छात्र उत्तीर्ण हुए थे। इस प्रकार कुल 55.2 प्रतिशत छात्रों ने परीक्षा उत्तीर्ण की, जिस पर परिषद के समस्त सदस्यों की सराहना की। इसी क्रम में परिषद ने गेट-2020 में छात्रों के अच्छे प्रदर्शन को और उच्चीकृत करने हेतु एनपीआइयू द्वारा इनपेनल्ड एजेंसी के माध्यम से छात्रों को ट्रेनिंग कराने की अनुमति प्रदान की गई।
परिषद के अध्यक्ष ने कहा कि समस्त विभागों की स्थिति सुदृढ़ करने हेतु नियमित रूप से उनके द्वारा एवं संस्थान के निदेशक द्वारा समस्त विभागों का निरीक्षण कर मूल आवश्यकताओं को पूर्ण कर विभागों को सशक्त एवं सुदृण किया जाएगा। बैठक में बीएचईएल कार्यपालक निदेशक इंजी. डीके दीक्षित, आईसीएआर प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. डीवी शाक्यवार, राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, बांदा के निदेशक प्रो. एसपी शुक्ला, प्रो. मुकेश शुक्ला व प्रो. एके निगम उपस्थित रहे।