बालू खनन के चार पट्टे निरस्त
झांसी। खनिज विभाग को राजस्व का भुगतान न करने पर जिले के चार घाटों के बालू खनन के पट्टे निरस्त कर दिए गए हैं। बकाये की वसूली के लिए आरसी जारी की जा रही है। इसके अलावा इन घाटों से संबंधित फर्मों को काली सूची में डाल दिया गया है, जिससे ये आगामी पांच वर्षों तक प्रदेश में कहीं भी बालू खनन का पट्टा नहीं ले पाएंगी।
ढिकौली घाट के बालू खनन का पट्टा वरदान कंस्ट्रक्शन को दिया गया था। फर्म ने खनिज विभाग को 6.49 करोड़ रुपये के बकाया राजस्व का भुगतान नहीं किया। इसी प्रकार टेहरका घाट की मां बेतवा ट्रेडिंग कंपनी पर 10.49 करोड़, बेहतर घाट की फर्म राइजिंग इंडिया पर 4.27 करोड़ और परेछा घाट की फर्म शरद इंटरप्राइजेज पर 3.46 करोड़ रुपये का बकाया है। इन चारों पर फर्मों पर कुल 24.71 करोड़ का राजस्व बकाया है।
जिला खान अधिकारी मोहम्मद महबूब ने बताया कि उक्त फर्मों को पिछले साल पट्टे आवंटित किए गए थे। पांच साल के लिए पट्टे दिए गए थे। नियमानुसार इन्हें हर तिमाही में राजस्व जमा करना होता है, जो उक्त फर्मों ने नहीं किया, जिसके चलते इनके पट्टे निरस्त कर करते हुए काली सूची में डाल दिया गया। ये फर्में पांच साल तक प्रदेश में कहीं भी बालू खनन के पट्टे नहीं ले पाएंगी।
चार पट्टे पहले हो चुके हैं निरस्त
जिले में बालू खनन के 14 पट्टे जारी किए गए थे। इनमें से चार पट्टे पहले निरस्त कर दिए गए थे और चार अब हो गए हैं। ऐसे में जिले में वर्तमान में सिर्फ छह घाट ही चल रहे हैं। इनमें धवाकर, मेलवारा, शमशेरपुरा, देवरी, खरवाज और एरच शामिल हैं। इनमें से भी दो घाटों के पट्टे निरस्त होने की संभावना है। यहां से भी खनिज विभाग को राजस्व नहीं मिल रहा है। इन फर्मों ने बकाये की अदायगी के लिए समय मांगा है। समय पर भुगतान न होने पर पट्टे निरस्त कर दिए जाएंगे।