सरकार से दो अरब 40 करोड़ की दरकार
ललितपुर। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होने के बाद तमाम योजनाएं अधर में पड़ीं हैं। सपा सरकार ने जनपद को लगभग दो अरब चालीस करोड़ रुपए लागत की छह ग्राम समूह पेयजल योजनाओं की वित्तीय स्वीकृति दी थी। इन ग्राम समूह योजनाओं से 68 गांवों की लगभग दो लाख आबादी को स्वच्छ पेयजल पहुंचाना था। शासन ने बजट नहीं मिलने के कारण यह पेयजल योजना धरातल पर नहीं आ पा रही है।
पूर्व प्रदेश सरकार ने जनपद के ग्रामीण इलाकों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए स्थानीय जल निगम विभाग द्वारा तैयार किए गए छह ग्रामीण समूह पेयजल योजनाओं को वित्तीय स्वीकृति दी थी। इन समस्त छह ग्राम समूह पेयजल योजना के लिए विगत वर्ष कुल दो अरब 40 करोड़ रुपए की वित्तीय स्वीकृति मिली थी, लेकिन अभी तक इन योजनाओं को धरातल पर लाने के लिए कोई बजट उपलब्ध नहीं कराया गया है। वर्तमान में सूबे में नई बनी योगी सरकार अभी इन हालातों में भी नहीं दिखाई दे रही है कि वह जल निगम को जल्द की बजट उपलब्ध करा पाएगी। फिलहाल, सरकार के पास बजट हो या नहीं, लेकिन यह तय है कि जनपद के लगभग 68 गांवों में पेयजल की उचित व्यवस्था नहीं है, जहां पर इन ग्राम समूह पेयजल योजनाओं से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाना है। विगत वर्ष शासन से योजनाओं को वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद इन 68 गांवों में रहने वाली लगभग दो लाख ग्रामीणों की आंखों में जो स्वच्छ पेयजल मिलने का सपना बस गया था, अब वह कब पूरा होगा इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है।
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यह है ग्रामीण पेयजल योजनाएं
-नयागांव ग्राम समूह पेयजल योजना में क्षेत्र के 16 गांव शामिल है इससे लगभग 22 हजार ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए वेतवा नदी के पानी लिया जाना है। इस योजना की स्वीकृत कुल लागत 49.80 करोड़ रुपए है।
-गोना ग्राम समूह पेयजल योजना में क्षेत्र के 09 गांव शामिल है, इससे लगभग 27 हजार ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए जमुनी बांध से पानी लिया जाना है। इस योजना की स्वीकृत कुल लागत 40.28 करोड़ रुपए है।
-बिल्ला ग्राम समूह पेयजल योजना में क्षेत्र के 15 गांव शामिल है, इससे लगभग 25 हजार ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए जामुनी नदी से पानी लिया जाना है। इस योजना की स्वीकृत कुल लागत 48.85 करोड़ रुपए है।
-धौरी सागर ग्राम समूह पेयजल योजना में क्षेत्र के 03 गांव शामिल है, इससे लगभग पांच हजार ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए धौरी सागर तालाब से पानी लिया जाना है। इस योजना की स्वीकृत कुल लागत 9.71 करोड़ रुपए है।
-कल्यानपुरा ग्राम समूह पेयजल योजना में क्षेत्र के 05 गांव शामिल है, इससे लगभग 20 हजार ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए कचरौंदा बांध से पानी लिया जाना है। इस योजना की स्वीकृत कुल लागत 25.83 करोड़ रुपए है।
-सिंदवाहा ग्राम समूह पेयजल योजना में क्षेत्र के 20 गांव शामिल है, इससे लगभग 40 हजार ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए सजनाम बांध से पानी लिया जाना है। इस योजना की स्वीकृत कुल लागत 65.39 करोड़ रुपए है।
-बजट के अभाव में अधर में लटकी पेयजल योजनाएं
इसके अलावा कुछ पेयजल योजनाएं ऐसी भी हैं जिनका श्रीगणेश हो चुका है, लेकिन बजट के अभाव में अधर में लटकी हुई हैं। इन पेयजल योजनाओं में नत्ती खेड़ा व पठा-विजयपुरा ग्राम समूह पेयजल योजना में अब तक मात्र 10 फीसदी ही बजट शासन ने उपलब्ध कराया है। बजट के अभाव में यह पेयजल योजना अधर में लटकर रह गई है। इसके अलावा जखौरा-बजरौठा पेयजल योजना में भी आधी धनराशि उपलब्ध हो सकी है। इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा 100 दिन की पेयजल कार्ययोजना के तहत बनाई जाने वाली जामुनधाना, बम्हौरी सर, बल खिरिया, भुचेरा व बम्हौरी सर इन ग्राम समूह पेयजल योजना का लगभग पूर्ण होने वाला है, लेकिन इनका भी अभी पूरा बजट उपलब्ध नहीं कराया गया है।
इनका कहना है
शासन से ही बजट उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। पूर्व में रिमांडर भी भेजा जा चुका है, अब दोबारा भेजा जाएगा। बजट उपलब्ध होते ही उक्त पेयजल योजनाओं को धरातल पर शुरु कर दिया जाएगा।
- अमर सिंह कटियार
अधिशासी अभियंता, जल निगम निर्माण खंड, ललितपुर।