अव्यवस्थाओं से जकड़े बसस्टैंड की ओर अफसर ध्यान नहीं दे रहे हैं। यहां जगह-जगह लगे गंदगी के ढेर, जहां-तहां जमा कीचड़ और यात्री शेडों पर कब्जे की शिकायत कई बार बस ऑपरेटर्स यूनियन के पदाधिकारी और आम लोग कई बार कर चुके हैं, लेकिन लगता है कि अफसर कान बंद किए बैठे हैं।
बस स्टैंड पर प्रतिदिन प्राइवेट और रोडवेज की लगभग 500 बसों का आना-जाना होता है, जिनमें हजारों यात्री सफर करते हैं। इन यात्रियों को सुविधाएं न के बराबर है। यात्री को बैठने के लिए पांच शेड बने है, लेकिन इनमें से तीन पर गुमटी दुकानदारों, फल, मिठाई, जूते, चाय, खाना बेचने वालों का कब्जा है। यात्रियों को बैठने के लिए सिर्फ रोडवेज और जिला बस आपरेटर्स यूनियन के शेड पर ही जगह है। बरुआसागर जा रहे यात्री प्रवीण कुमार के मुताबिक बसस्टैंड पर गंदगी के ढेर और बदबू के कारण यहां दोबारा आने का मन नहीं कर रहा है। चाट विक्रेता सुरेश के अनुसार यहां गंदगी के अलावा यहां कुत्ते भी यहां बहुत है। इनके काटने का हमेशा डर रहता हैं। साफ पेयजल के लिए एक हैंडपंप है। बस आपरेटर्स ओम प्रकाश राय ने बताया कि शौचालय में गंदगी होने से महिलाएं अंदर नहीं जा पाती है।
कचरे से घिरा यात्री प्रतीक्षालय
सांसद उमा भारती की सांसद निधि से बना यात्री प्रतीक्षालय गंदगी से घिरा है। पास की बस्ती के लोगों द्वारा यहां कचरा डाला जाता है। नगर निगम ने प्रतीक्षालय तक एपेक्स बिछा दिए हैं, लेकिन गंदगी से बचाव का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किया, इस कारण यहां अक्सर ताला डला रहता है।
न नगर निगम ने सुना, न पुलिस ने
बसस्टैंड की व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के लिए पुलिस और नगर निगम के अफसरों को कई बार पत्र लिखे गए। लेकिन, किसी भी पत्र पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
मोहम्मद याकूब अध्यक्ष जिला बस आपरेटर्स एसोसिएशन
हमारी व्यवस्थाएं तो दुरुस्त
रोडवेज के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक राम लवट का कहना है कि बसस्टैंड के रोडवेज शेड पर सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त हैं। एलईडी टीवी लगी है। प्लेटफार्म की रोज सफाई होती है। स्वच्छ पेयजल और बैठने की व्यवस्था की है। मध्यप्रदेश रोडवेज का खाली शेड भी हमने किराए पर मांगा है। नगर निगम ने आदेश तो दे दिया है, लेकिन कब्जा नहीं दिलाया। बाकी बसस्टैंड की व्यवस्थाएं हमारी जिम्मेदारी नहीं है।
जल्द हटेगा अतिक्रमण
बस स्टैंड पर अतिक्रमण हटाने के लिए ठोस कार्रवाई जल्द होगी। शौचालय और प्रतीक्षालय की सूचना का बोर्ड बसस्टैंड पर लगाया जाएगा। कचरा यहां न डले इसकी भी जिम्मेदारी तय की जाएगी।
प्रताप सिंह भदौरिया नगर आयुक्त