हस्त नक्षत्र में गंगा दशहरा, अच्छी बारिश का योग
झांसी। गंगा दशहरा का पर्व बुधवार को हस्त नक्षत्र में मनाया जाएगा। दुर्लभ संयोग है कि पौराणिक ग्रंथों में भी गंगा जी का अवतरण धरती पर ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की दशमी बुधवार को हस्त नक्षत्र में है। ऐसे में यह पर्व अच्छी बरसात का शुभ योग लेकर आएगा। गंगा दशहरा त्यौहार के लिए मंदिरों में तैयारियां कर ली गई हैं। शिव मंदिरों में पानी भरा जाएगा और अनुष्ठान होंगे। त्यौहार पर शरबत व जल का दान किया जाएगा। गंगा दशहरा के ठीक अगले दिन निर्जला एकादशी मनाई जाएगी।
पौराणिक धार्मिक मान्यता है कि महाराजा भागीरथ की कठिन तपस्या के बाद हस्त नक्षत्र में ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की दशमी पर मां गंगा का स्वर्ग से धरती पर अवतरण हुआ था। इस उपलक्ष्य में हर साल गंगा दशहरा मनाया जाता है। महंत विष्णु दत्त स्वामी के अनुसार हस्त नक्षत्र बुधवार 12 जून को दोपहर 12 बजे तक रहेगा। इसके बाद चित्रा नक्षत्र शुरू होगा। यह अच्छी बरसात के लिए शुभ योग है। उनके अनुसार पर्व पर गंगा जी के पूजन का विशेष विधान है। श्रद्धालु मिट्टी के मटके और सुराही में शक्कर मिश्रित पानी दान करते हैं। इसके अलावा पंखे भी भगवान को अर्पित करते हैं। कई शिव मंदिरों के गर्भगृह में श्रद्धालु पानी भी भरते हैं जो अच्छी बरसात की प्रार्थना के लिए होता है। उनके अनुसार गंगा दशहरा के बाद निर्जला एकादशी मनाई जाएगी, जो श्रेष्ठ एकादशी होती है। साल में 26 एकादशी पड़ती है, जो इन्हें नहीं कर पाता है, वह केवल निर्जला एकादशी कर सभी का पुण्य प्राप्त कर लेते हैं।