लकवा लगे तो चार घंटे में लगवाएं इंजेक्शन
झांसी। जिला अस्पताल में दो मरीजों को अस्सी और चालीस हजार के इंजेक्शन निशुल्क लगाए गए हैं। ये मरीज लकवा का अटैक होने के तत्काल बाद अस्पताल पहुंच गए थे। इंजेक्शन लगने से इन मरीजों की हालत में सुधार है। लकवा का अटैक पड़ने के चार घंटे के भीतर मरीज के अस्पताल पहुंच जाने पर उन्हें उक्त इंजेक्शन लगाकर बीमारी से मुक्त किया जा सकता है। तमाम लोगों को इसकी जानकारी नहीं है, जिससे वे प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों को ले जाते हैं और इलाज का मोटा खर्च उठाना पड़ता है।
मंगलवार को सुबह लगभग 6:30 बजे सीपरी बाजार स्थित बृह्म कॉलोनी निवासी रेलवे से सेवानिवृत्त सत्तर वर्षीय ग्यासी लाल के शरीर के आधे हिस्से ने काम करना बंद कर दिया था। मुंह भी टेढ़ा हो गया था। ग्सासी लाल को परिजन तुरंत ही इलाइट स्थित एक प्राइवेट नर्सिंग होम ले गए। लकवा का अटैक होने की जानकारी होने पर परिजन तुरंत ही जिला अस्पताल पहुंचे जहां पर मौजूद चिकित्सक डीएस गुप्ता ने गंभीरता दिखाई व मरीज का सीटी स्कैन व वजन कर तुरंत ही इंजेक्शन को लगाया। मरीज का वजन अधिक होने के कारण इंजेक्शन के दो डोज देने पर ही मरीज को आराम मिला।
वहीं रक्सा के पुनावली निवासी सोनू पेशे से मजदूर है। शनिवार को दोपहर एक बजे सोनू के शरीर के दाहिने हिस्से ने काम करना बंद कर दिया था। मुंह टेढ़ा हो गया था। घबराये परिजन सोनू को लेकर जिला अस्पताल आये। चिकित्सक ने तुरंत ही एक्टीलाइज इंजेक्शन को लगाया। सोनू ने बताया कि अस्पताल में इंजेक्शन लगते ही दो से तीन घंटे के भीतर ही स्थित में सुधार होना शुरू हो गया था। आज वह पूरी तरह से स्वस्थ है। जिला अस्पताल के चिकित्सक डीएस गुप्ता ने बताया कि किसी भी मरीज को अचानक बेहोशी आना, हाथ से गिलास छूटना, कुछ देर के लिए आंखों से दिखाई नही देना, मुंह का टेढ़ा होना, शरीर का काम बंद करना लकवा अटैक के लक्षण है। तुरंत ही जिला अस्पताल लाना चाहिए जिससे समय से उपचार हो सके। उन्होंने बताया कि मरीज की उम्र के हिसाब से ही इंजेक्शन की मात्रा दी जाती है।