दोबारा कॉपी लिखवाने पर कार्यालय अधीक्षक को अनिवार्य सेवानिवृत्ति, कर्मचारी बर्खास्त
झांसी। कर्मचारियों की मिलीभगत से 13 छात्रों द्वारा छूटे हुए पन्नों पर दोबारा कॉपी लिखने के मामले में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय प्रशासन ने कड़ी कार्यवाई की है। कार्यालय अधीक्षक (ओएस) को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी गई है। जबकि, एक कर्मचारी को बर्खास्त कर दिया है।
13 छात्रों ने आरटीआई से कॉपी निकलवाकर बीयू के ग्रीवांस सेल में आवेदन कर कहा था कि परीक्षक ने उनके कुछ सवालों को जांचा नहीं है। एक साथ इतने अधिक आवेदन आने पर समिति को कुछ शक हुआ था। कमेटी ने कॉपी देखी तो लेखनी में कुछ बदलाव दिखा। इसके बाद मामला कुलपति के सामने ले जाया गया। कुलपति ने मामले की फोरेंसिक जांच के आदेश दे दिए थे। जांच में मामला पकड़ गया और फोरेंसिक टीम ने पेन की स्याही आदि में फर्क पाए जाने पर रिपोर्ट कुलपति को सौंप दी।
इसके बाद 13 छात्रों को यूएफएम में आरोपित कर दो साल के लिए डिबार कर दिया गया। वहीं, मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी। कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद कुलपति ने सहायक कुलसचिव हरिशंकर यादव को पदावनत कर कार्यालय अधीक्षक बना दिया। वहीं, कर्मचारी सत्यप्रकाश को निलंबित कर दिया। इसके बाद अंतिम जांच समिति गठित की। इसकी रिपोर्ट आने के बाद कुलपति प्रो. जेवी वैशंपायन ने ओएस हरिशंकर यादव को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी है। इसके साथ ही ग्रेज्युटी का 50 प्रतिशत काट लिया गया है। वहीं, कर्मचारी सत्यप्रकाश को बर्खास्त कर दिया गया है।