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60 एमएलडी ही मिल रहा पानी, बिगड़ते जा रहे हालात

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60 एमएलडी ही मिल रहा पानी, बिगड़ते जा रहे हालात
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झांसी। भीषण गर्मी में महानगर में पानी की मांग 50 फीसदी तक बढ़ गई है। जबकि, बबीना जलशोधन केंद्र में पानी सफाई में लग रही देरी से महानगर को 75 की जगह 60 एमएलडी ही पानी मिल पा रहा है। 15 से 20 एमएलडी पानी बबीना से झांसी के बीच लगे बल्क कनेक्शनों (भेल, एमईएस, रामनाथ सिटी, बिजौली व अन्य बड़े कनेक्शन) में चला जा रहा है। पांच से छह एमएलडी पानी टैंकरों से सप्लाई हो रहा है। इससे शहर की जलापूर्ति का वक्त घटकर डेढ़ से आधे घंटे रह गया है। दिनों दिन हालात बिगड़ते जा रहे हैं।
माताटीला बांध का जलस्तर गिरने से बबीना जलशोधन केंद्र पर तलहटी का बेहद गंदा कच्चा पानी पहुंच रहा है। इससे पानी को साफ करने वाले फिल्टर बेल्ट बार-बार चोक हो रहे हैं। पानी को साफ (बेक वॉश) करने में दोगुना वक्त लग रहा है। इस कारण शहर को पूर्ण क्षमता से पानी नहीं मिल पा रहा है। आम दिनों में जहां शहर को 75 एमएलडी (75 करोड़ लीटर) पानी मिलता था, वहीं अब 60 एमएलडी (60 करोड़ लीटर) ही मिल पा रहा है। इससे शहर में जलापूर्ति का वक्त घटता जा रहा है। जलापूर्ति के वक्त अगर बिजली चली गई तो उतना पानी भी लोग टंकी में एकत्रित नहीं कर पाते हैं। मालूम हो कि माताटीला बांध से झांसी महानगर, बबीना और झांसी से बबीना के बीच पड़ने वाले कस्बों, सैन्य क्षेत्र व कॉलोनियों को जलापूर्ति होती है। बांध सेे सिंचाई के लिए पानी छोड़े जाने और बिजली की टर्बाइन चलने से जलस्तर लगातार घट रहा है। इस कारण बांध का जलस्तर 1008 से घटकर 987 फीट पर पहुंच गया है। सोमवार से माताटीला बांध से गंदा पानी आने के कारण उसकी सफाई में वक्त लग रहा है। आम दिनों में जहां सफाई में 10 से 12 एमएलडी पानी लगता था। इन दिनों यह पानी 20 एमएलडी तक लग रहा है।
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इन क्षेत्रों में छाया संकट
शहर के 50 से अधिक ऐसे क्षेत्र हैं, जहां सबसे अधिक जल संकट बना रहा। इनमें सिविल लाइन, शारदा हिल्स कॉलोनी, सीपरी बाजार के टंडन रोड, कोयला वाली गली, भांग वाली गली, मसीहागंज और आसपास के मुहल्ले, तलैया, अंदर बड़ागांव गेट, जुगयाना, मैला की टोरिया, सिविल लाइन, छनियापुरा, सागर गेट, डड़ियापुरा, बाहर बड़ागांव गेट, झोकनबाग, ओरछा गेट, सैंयर गेट, मानिक चौक, गांधी रोड, झारखड़िया, खंडेराव गेट, आशिक चौराहा, सुभाष गंज, लक्ष्मीगेट, बंगला घाट, पारेश्वर, मद्रासी कालोनी, अन्नपूर्णा कालोनी, बड़ा बाजार, मिनर्वा, कचहरी चौराहा, गल्ला मंडी, खुशीपुरा, तालपुरा, सीपरी बाजार, मिशन कंपाउंड, गोंदू कंपाउंड, ग्वालटोली, खाती बाबा, नंदनपुरा, बीकेडी समेत अन्य क्षेत्रों के लोग परेशान रहे।

नहीं भर पा रहीं टंकियां
बबीना जल शोधन केंद्र से आने वाली मुख्य राइजिंग पाइप लाइन से कम मात्रा में पानी आने के कारण रात भर में शहर की टंकियां आधी ही भर पा रही हैं। इस कारण अधिकांश क्षेत्रों में डेढ़ से दो घंटे तक होने वाली पानी की सप्लाई आधे से पौन घंटे तक ही हो पा रही है। जबकि, जल निगम अफसरों का दावा है कि वह 110 एमएलडी की पाइप लाइन से वह 101 एमएलडी व 45 एमएलडी पाइप लाइन से 30 एमएलडी पानी बबीना से झांसी की तरफ छोड़ रहे हैं। इसमें अगर आधा पानी भी रास्ते के संयोजनों में बंट रहा है, तो इसके बाद भी 70 एमएलडी पानी झांसी तक पहुंच रहा है। कम पानी मिलने के कारण को वह जल संस्थान की वितरण व्यवस्था को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।

सिविल लाइन टंकी का सबसे बुरा हाल
ऊंचाई क्षेत्र में स्थित सिविल लाइन टंकी जल निगम कॉलोनी में बनी हुई है। ऊंचाई क्षेत्र में होने के कारण इस टंकी को दस से 12 घंटे भरने में लग जाते हैं। इस टंकी से ही सीपरी बाजार रेलवे पुल के पास बनी टंकी को भरा जाता है। इन दिनों तीन फीट पानी ही सीडब्लूआर में भर पा रहा है। इससे सिविल लाइन, पुलिस लाइन, इलाहाबाद बैंक चौराहा, जानकीपुरम, विवेकानंद कालोनी, स्टेशन रोड, चंद्रशेखर तिराहे के आस पास के क्षेत्र, इलाइट चौराहा, जीवन शाह, बीकेडी आदि क्षेत्रों के आधे घंटे ही पानी की आपूर्ति मिल पा रही है।
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बबीना से हमें 60 एमएलडी पानी ही मिल पा रहा है। जबकि, आम दिनों में 75 एमएलडी पानी मिलता था। कम पानी मिलने से टंकियां नहीं भर पा रही हैं। इससे आपूर्ति का वक्त घट गया है। - कुलदीप सिंह, अधिशासी अभियंता जल संस्थान।
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