मृत महिला से मनरेगा में करवा दी मजदूरी!
निवाड़ी। मनरेगा के अंतर्गत तालाब निर्माण के कार्य मेें मस्टर रोल में मृत महिला का नाम दर्ज कर सरकारी राशि का आहरण करने के आरोप में न्यायालय में एक परिवाद दायर किया गया था। जिसकी सुनवाई के बाद न्यायालय में तीन आरोपियों के खिलाफ शासन से धोखाधड़ी करने सहित अनेक आरोपों के तहत पुलिस को एफ आईआर दर्ज करने के आदेश जारी किए है।
परिवादी शोभाराम पुत्र लक्ष्मन कुशवाहा निवासी ग्राम बहेरा ने न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी निवाड़ी के न्यायालय में तीन आरोपियों के विरूद्ध परिवाद दायर किया था। जिसमें बृजेंद्र कुशवाहा जो ग्राम पंचायत गुवावली में रोजगार सहायक तथा प्रभारी पंचायत सचिव चंदा पत्नी गुलाब कुशवाहा उक्त पंचायत की सरपंच है तथा गुलाब कुशवाहा सरपंच पति है। जिन पर आरोप लगाए गए थे कि ग्राम पंचायत बहेरा में वर्ष 2016-17 के दौरान मनरेगा के अंतर्गत तालाब निर्माण के कार्य के दौरान मृत द्रोपती देवी राय को मस्टर रोल में मजदूरी करना दिखा कर 1032 रुपये की शासकीय राशि का गबन किया है। द्रोपती देवी की मौत 22 मई 2011 को हो चुकी है। जबकि मस्टर रोल में द्रोपती को 24 मई 2017 को ग्राम बहेरा में लघु तालाब निर्माण के मस्टर रोल में मजदूरी करना दर्शाया गया है। परिवादी द्वारा उक्त तथ्यों के संबंध में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत टीकमगढ़, पुलिस अधीक्षक, थाना प्रभारी टेहरका को आवेदन दिया था, लेकिन कोई कार्यवाही न होने से उन्हें न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। खंड पंचायत अधिकारी जनपद पंचायत निवाड़ी द्वारा की गई जांच के बाद भी स्पष्ट होता है कि अभियुक्त बृजेंद्र कुशवाहा ने रोजगार सहायक के पद पर रहते हुए एवं आरोपी चंदा ने सरपंच पद पर रहते हुए षणयंत्र पूर्वक फर्जी मस्टर रोल तैयार कर मृतक द्रोपती के नाम की मजदूरी दर्शाकर राशि का गबन किया गया है। जिसमें सरपंच चंद्रा के पति गुलाब कुशवाहा का सहयोग रहा है। उक्त आधार पर न्यायालय ने आरोपियों को प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध माना है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी आर एस दोहरे ने थाना प्रभारी टेहरका को उक्त आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। न्यायालय के आदेश के तहत थाना प्रभारी ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।