थानेदार को अदालत ने किया तलब
झांसी। अपर सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र पीएन राय की अदालत ने फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देने व रुपये लेने के बाद छोड़ने के आरोप में थानाध्यक्ष सकरार को तलब किया है। थानाध्यक्ष को समन जारी किया गया है।
पैरवी कर रहे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रवि प्रकाश गोस्वामी ने बताया कि न्यायालय में दायर परिवाद में जिला टीकमगढ थाना सेंदरी क्षेत्र अंतर्गत गांव थौना निवासी मोतीलाल ने बताया कि 18 अक्टूबर को अपने पुत्र संजीव कुमार यादव के साथ बाइक से निवाड़ी से घर वापस आ रहे थे। रास्ते में संजीव सड़क पर बाइक खड़ी कर लघुशंका करने लगा। इसी बीच थानाध्यक्ष सकरार सतीश सिंह छह अन्य पुलिस कर्मियों के साथ सरकारी जीप से आकर पिता - पुत्र को पूछताछ के बहाने थाने ले गए। आरोप है कि वहां गाली गलौच करते हुए तलाशी के नाम पर संजीव की जेब से 12,145 रुपये व मोबाइल छीन लिया। इतना ही नहीं एक पैर में हथकड़ी लगाकर थाने के बरामदे में खंभे से बांधकर बेवजह मारपीट की। दूसरे दिन थानाध्यक्ष ने संजीव को छोड़ने के लिये आठ हजार रुपये की मांग की। रुपये न देने पर दो किलो चरस लगाकर जेल भेजने की धमकी दी गयी। घबराकर आठ हजार रुपये दिये जाने पर संजीव को थाने से छोड़ा गया।
संबंधित थाने व पुलिस अधिकारियों से गुहार लगाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। 02 दिसंबर को पुन: एसएसपी को प्रार्थना पत्र दिये जाने के बाद निराश होकर न्यायालय में गुहार लगाई गई। जहां प्रस्तुत तर्कों एवं धारा 200 व 202 के तहत साक्ष्यों के आधार पर थानाध्यक्ष सतीश सिंह के विरूद्ध प्रथम दृष्टया अपराध मानते हुए न्यायालय ने उन्हें धारा 392, 504, 506 के अपराध में तलब करते हुए सम्मन जारी किये जाने के आदेश दिये गये है। सुनवाई की आगामी 10 जुलाई तिथि नियत की गई है।