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क्या कैबिनेट में जगह मिलेगी बुंदेलखंड को

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मोदी की नई कैबिनेट में बुंदेलखंड को जगह मिलेगी क्या!

झांसी। बुंदेलखंड वासियों ने चारों संसदीय सीट भाजपा की झोली में डाल कर प्रधानमंत्री मोदी की पार्टी को मजबूत करने की अपील को सार्थक कर दिया। इसके साथ ही विकास की दौड़ में पीछे क्षेत्रीय लोगों की अपेक्षा बढ़ गई हैं। उन्हें इंतजार है कि क्या बुंदेलखंड क्षेत्र से नवनिर्वाचित किसी सांसद को केंद्रीय कैबिनेट में स्थान मिलेगा। इससे पहले 2009 के लोकसभा चुनाव में झांसी-ललितपुर सीट से सांसद चुने गए प्रदीप जैन आदित्य और 2014 के चुनाव में सांसद बनीं उमा भारती को तत्कालीन प्रधानमंत्री की शपथ के साथ ही कैबिनेट में महत्वपूर्ण स्थान मिला। क्या इस बार के चुनाव में भी झांसी सीट को यह सम्मान मिलेगा। झांसी के साथ ही बुंदेलखंड की बांदा-चित्रकूट, हमीरपुर-महोबा और जालौन सीट पर भी पार्टी को विजयश्री मिली है।
15 फरवरी को झांसी के भोजला मंडी मैदान में आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रानी लक्ष्मीबाई की कर्मभूमि को वीरभूमि बताया था। साथ ही बुंदेलखंड वासियों से पार्टी को मजबूत करने की अपील भी की थी। क्षेत्रवासियों ने उनकी अपील पर मुहर लगा दी। चारों सीट पर भाजपा प्रत्याशियों को विजयश्री दिला दी। झांसी सीट से प्रत्याशी अनुराग शर्मा को 3,65,683 मतों से रिकॉर्ड जीत दिलाई। जालौन-भोगनीपुर-गरौठा संसदीय सीट पर भानु प्रताप वर्मा को लगातार दूसरी बार 1,57,377 वोटों से जीत मिली।
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बांदा-चित्रकूट सीट पर आरके सिंह पटेल ने 58,938 वोटों से विजयश्री हासिल की। हमीरपुर-महोबा लोकसभा सीट पर पुष्पेंद्र सिंह चंदेल ने 2,48652 मतों से जीत सुनिश्चित की। इससे विकास की दौड़ में पीछे और पानी जैसी बुनियादी जरूरतों, उद्योग, बेहतर स्वास्थ्य और शिक्षा के बेहतर विकल्प के लिए तरस रहे क्षेत्रीय लोगों की अपेक्षाएं बढ़ गई हैं। क्योंकि स्थानीय प्रतिनिधि क्षेत्र की समस्याओं को बेहतर समझते हैं लिहाजा वे जितने मजबूत होंगे क्षेत्र के विकास को उतना ही अधिक बल मिलेगा। गेंद अब नरेंद्र मोदी के पाले में है।
राजनीतिक और गैर राजनीतिक तबका भी टकटकी लगाए बैठा है कि बुंदेलखंड से किसी न किसी सांसद को केंद्री कैबिनेट में जगह मिलेगी। 2009 में यूपीए-2 सरकार में प्रदीप जैन आदित्य को केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय में राज्यमंत्री और 2014 में उमा भारती को नरेंद्र मोदी के शपथग्रहण समारोह में ही जल संसाधन, नदी विकास मंत्रालय का प्रभार मिला था। बाद में उन्हें सफाई एवं पेयजल मंत्रालय का कार्यभार सौंपा गया था।
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‘कैबिनेट में कौन सा मंत्री पद किसे मिलेगा यह प्रधानमंत्री का विशेषाधिकार है। हां यह सही है कि कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के लोगों का अपार समर्थन पार्टी को मिला है। यहां से अगर अधिक सांसदों को कैबनेट में जगह मिलती है तो लोगों की अपेक्षाएं भी पूरी होंगी और विकास को भी गति मिलेगी’
मानवेंद्र सिंह, कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्रीय अध्यक्ष भाजपा
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