17 कर्मचारियों ने नहीं की मतदान में ड्यूटी
झांसी। मतदान जैसे महत्वपूर्ण कार्य से भी 17 सरकारी कर्मचारी कन्नी काट गए। अब इन सभी को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। ड्यूटी न करने का कोई उचित कारण सामने न आने पर इन लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी।
लोकसभा चुनाव के 29 अप्रैल को हुए मतदान के लिए जिले की चारों विधानसभाओं में 6,776 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। इसके अलावा आकस्मिक स्थिति के लिए बीस फीसदी कर्मचारी रिजर्व में रखे गए थे। सभी कर्मचारियों को दो चरणों में मतदान कार्य का प्रशिक्षण दिया गया था। 28 अप्रैल को इन सभी कर्मचारियों को अपनी-अपनी पोलिंग पार्टियों के साथ भोजला मंडी से मतदेय स्थलों के लिए रवाना होना था, परंतु 17 कर्मचारी उपस्थित नहीं हुए। इनके स्थान पर रिजर्व कर्मचारियों को भेजा गया।
कर्मचारियों की इस लापरवाही पर सख्त रुख अपनाया गया है। सभी कर्मचारियों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। स्पष्टीकरण का संतोषजनक जवाब न मिलने पर कर्मचारियों के खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी।
शिक्षकों की बैठक के सुबूत सौंपे
झांसी। चुनाव से पूर्व बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों की बैठक हुई थी। सपा की ओर से आरोप लगाया गया था कि ये बैठक भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में आयोजित की गई। इसे गंभीरता से लेते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी शिवसहाय अवस्थी ने एडीएम (वित्त एवं राजस्व) की अध्यक्षता में कमेटी गठित की थी लेकिन सपा प्रत्याशी द्वारा जांच की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करने पर अब एडीएम (प्रशासन) इसकी जांच करेंगे। एडीएम (वित्त एवं राजस्व) नगेंद्र शर्मा ने शिक्षकों की बैठक से संबंधित लगभग पांच घंटे के सीसीटीवी फुटेज एडीएम (प्रशासन) बी प्रसाद को सौंप दिए हैं। एडीएम प्रशासन ने बताया कि जल्द ही जांच कमेटी की बैठक बुलाई जाएगी। इसके बाद रिपोर्ट तैयार कर जिला निर्वाचन अधिकारी को सौंप दी जाएगी।