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18 हजार से चुनाव में गड़बड़ी की आशंका

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18 हजार से चुनाव में गड़बड़ी की आशंका
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झांसी। पुलिस को झांसी, ललितपुर व जालौैन में रहने वाले अठारह हजार लोगों से लोकसभा चुनाव में गड़बड़ी करने की आशंका है। इन सभी लोगों को पाबंद किया जाएगा। पुलिस ने शुरूआती चरण में नौ हजार पांच सौ साठ लोगों को नोटिस भेजने की तैयारी शुरू कर दी है। डीआईजी सुभाष सिंह बघेल ने सभी पुलिस अधीक्षकों को चिह्नित लोगों पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
लोकसभा चुनाव निष्पक्ष और शांतिप्रिय तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस ने तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत चुनाव में गड़बड़ी करने वाले खुराफातियों को चिह्नित किया गया। झांसी, ललितपुर व जालौन के 18,385 लोग ऐसे पाए गए जो चुनाव में खलल पैदा कर सकते हैं। इन सभी को पाबंद करने की तैयारी शुरू हो गई है। शुरूआत में ऐसे 9 560 लोगों को पाबंद करने के लिए पुलिस की तरफ से नोटिस भेजे जाएंगे।
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पर्सनल बांड का यह है नियम
शांतिभंग की आशंका पर संबंधित व्यक्ति से पर्सनल बांड भरवाया जाता है। इसमें मजिस्ट्रेट 20 हजार से लेकर पचास हजार रुपये और एक लाख रुपये तक का पर्सनल बांड और एक जमानतगीर मांगते हैं। पाबंद किया गया व्यक्ति शांतिभंग करता है तो भरवाई गई राशि को उसे सरकारी खाते में जमा करना होता है। राशि न जमा करने पर संबंधित व्यक्ति को जेल भी जाना पड़ सकता है। यह सजा छह माह से अधिक नहीं होती।
इन्हें लिया जा सकता दायरे में
शांति कायम रखने के लिए पुलिस ऐसे किसी भी व्यक्ति को पाबंद करने की संस्तुति कर सकती है, जिससे शांतिभंग की आशंका है। इसके साथ ही उन व्यक्तियों को पाबंद किया जाता है जो अपराधी किस्म के हैं या जिन पर मुकदमे दर्ज हो चुके हों।
नेताओं के करीबियों पर भी रखी जा रही नजर
पुलिस ने पूर्व के चुनाव में हंगामे को लेकर सुर्खियों में आए नेताओं के करीबियों पर भी नजर रखना शुरू कर दी है। ऐसे लोगों को चिह्नित किया जा रहा है जो पार्टी व नेता का करीबी होने का दावा कर गड़बड़ी कर सकते हैं। इसके लिए पूर्व में हुए चुनावों में हंगामा करने वालों की भी सूची तैयार की जा रही है।
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ऐसे लोग किए गए चिह्नित
- जिन लोगों पर गैंगस्टर की कार्रवाई की गई है
- बलवा के ऐसे आरोपी, जिनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो चुकी है
- मारपीट के आरोपी, जिन पर चार्जशीट लग चुकी है
- ऐसे बदमाश, जिनकी हिस्ट्रीशीट खुली हुई है
- वारदातों को अंजाम दे रहे क्रियाशील अपराधी
- जेल से जमानत पर रिहा होने वाले माफिया
- सांप्रदायिक मुकदमों के आरोपी
चुनाव में बाधा पहुंचाने वालों को रोकने के लिए रूपरेखा तैयार कर ली गई है। वोटरों को लुभाने की कोशिश करने वालों को भी चिह्नित किया जा रहा है। पुलिस के साथ खुफिया विभाग भी नजर रख रहा है। मतदान में अड़चन पैदा करने वाले को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। खलल डालने वाले असामाजिक तत्वों को रोकने और बूथों की सुरक्षा के लिए पैरामिलिट्री फोर्स को भी लगाया जाएगा।
सुभाष सिंह बघेल
पुलिस उप महानिरीक्षक, झांसी
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