अब बालू और गिट्टी हर कोई नहीं बेच सकेगा
ललितपुर। शासन ने बालू व मौरंग बेचने वालों के लिए नई नियमावली जारी कर दी है। अब हर कोई बालू या मिट्टी नहीं बेच सकेगा, बल्कि उसे खनिज विभाग में पंजीकरण कराना पड़ेगा। साथ ही यह ब्योरा भी देना पड़ेगा कि उसने किस ठेकेदार से कितना मैटेरियल खरीदा है और कितना बेचा है।
अवैध खनन पर लगाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा नई खनिज नियमावली बनाई है, जिसमें अब कोई भी व्यक्ति विभाग में बिना पंजीकरण कराए बालू, खंडा, बोल्डर, गिट्टी व मौरंग का व्यापार नहीं कर पाएंगे। फुटकर विक्रेताओं के लिए शासन ने पोर्टल जारी कर दिया है, जिसमें खनिज का फुटकर व्यापार करने वालेे व्यक्ति को पोर्टल पर आवेदन करना होगा। पोर्टल के लिए वेबसाइट बनाई गई है, जिसमें आवेदक को अपना नाम, पता, बिक्री करने का स्थान, जमीन संबंधी कागजात, गाटा संख्या आदि की जानकारी देनी होगी। इसके बाद खनिज विभाग में संबंधित व्यक्ति का ब्योरा दर्ज हो सकेगा। साथ ही आवेदक को माल खरीद की जानकारी रखनी होगी।
यह जानकारी भी देनी होगी कि किस ठेकेदार से कितना माल खरीदा है। इस माल को कहां पर कितना बेचा है। इसकी दर भी घोषित करनी होगी। इतना ही नहीं, उसे यह भी बताना होगा कि उसने बालू कहां से मंगवाई है। इतना ही नहीं फुटकर विक्रेताओं को खरीद व बिक्री का विवरण हर तीन महीने में खान अधिकारी को देना होगा। अभी शहर में 40 से अधिक कारोबारी बालू बेचने का कारोबार करते हैं, लेकिन इनके पास कोई ब्योरा नहीं हैं। इसके बावजूद इन दुकानदारों की ओर विभाग अंजान बना हुआ है। इसका फायदा कारोबारी उठा रहे हैं।
दूसरी ओर, शासन द्वारा बनाए गए पोर्टल के नहीं खुलने के कारण जो कारोबारी आवेदन करना चाह रहे हैं, उन्हें परेशानी हो रही है। ऐसे में अवैध तरीके से कारोबार करने वालों को कोई हिसाब किताब नहीं रखना पड़ रहा है। साथ ही अधिक दाम पर बालू व अन्य मैटेरियल की बिक्री कर रहे हैं, जिससे आम लोगों को अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है।
शहर में इन स्थानों पर चल रहा कारोबार
शहर में बाईपास रोड पर सबसे अधिक बालू और गिट्टी के कारोबारी हैं, क्योंकि इस क्षेत्र में नये मकान सर्वाधिक बन रहे हैं। इसके अलावा मसौरा बैरियर के आगे, सिविल लाइन क्षेत्र, देवगढ़ रोड से जुगपुरा, देवगढ़ रेलवे क्रासिंग के आस-पास, स्टेशन रोड, आईटीआई, नेहरुनगर, राजघाट रोड, खिरकापुरा, बाल संप्रेक्षण गृह के पास भी खूब कारोबार हो रहा है। लेकिन, इनकी जानकारी विभाग के पास नहीं है।
शासन ने खनिज भंडारण के फुटकर विक्रेताओं के लिए एक पोर्टल जारी कर दिया गया है। जो तीन दिन में शुरु हो जाएगा, इसके बाद फुटकर विक्रेताओं की सूची उपलब्ध हो सकेगी।
- आरपी सिंह, जिला खान अधिकारी