अपराजिता की मिसाल हैं रानी लक्ष्मीबाई
झांसी। अमर उजाला के नारी गरिमा के साझा संकल्प ‘अपराजिता :100 मिलियन स्माइल्स’ के तहत गणतंत्र दिवस के अवसर पर शनिवार को वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की गौरव गाथा पर आधारित फिल्म ‘मणिकर्णिका: द क्वीन ऑफ झांसी’ के विशेष शो का प्रदर्शन हुआ। इस अवसर पर मंडलायुक्त कुमुदलता श्रीवास्तव ने उपस्थित लोगों को नारी गरिमा को अक्षुण्ण बनाए रखने की शपथ दिलाई।
खिलौना टॉकिज में शाम छह से नौ बजे के शो से पहले महारानी लक्ष्मीबाई को पुष्पांजलि अर्पित की गई। तदुपरांत, शपथ दिलाते हुए मंडलायुक्त ने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई अपराजिता की मिसाल हैं। समाज और देश की तरक्की के लिए हर महिला को खुद को अपराजिता साबित करना होगा। अमर उजाला की ये मुहिम निश्चित तौर पर आगे चलकर महिलाओं की प्रगति में मील का पत्थर साबित होगी।
इस मौके पर महापौर रामतीर्थ सिंघल, नगर विधायक रवि शर्मा, पुलिस उप महानिरीक्षक सुभाष बघेल, जिलाधिकारी शिवसहाय अवस्थी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. ओपी सिंह, मुख्य विकास अधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अनुनय झा समेत भाजपा नेता संजीव श्रृंगीऋषि, शासकीय अधिवक्ता मृदुल श्रीवास्तव व कर्मचारी नेता दिनेश भार्गव आदि मौजूद रहे। संचालन डा. जितेंद्र तिवारी ने किया। आभार कार्यक्रम संयोजक श्रेष्ठ साहू और सह संयोजक अनिल पाठक ने जताया।
अमर उजाला की ओर से चलाई जा रही अपराजिता मुहिम आधी आबादी में नई चेतना का संचार करने का काम कर रही है। महिलाओं की प्रगति से ही देश और समाज की तरक्की संभव है।
- रवि शर्मा, नगर विधायक
महिला वर्ग की प्रगति के लिए सरकार की ओर से तमाम योजनाएं संचालित की जा रही हैं। महिलाएं जागरूक होकर अपने अधिकार हासिल करें। अपराजिता मुहिम इसमें सहायक सिद्ध हो रही है।
- शिवसहाय अवस्थी, जिलाधिकारी
रानी लक्ष्मीबाई से बड़ी अपराजिता की और कोई मिसाल नहीं हो सकती है। रानी ने भारतीय महिलाओं के गौरव से समूची दुनिया को परिचित कराया है। उनकी गौरवगाथा आत्मविश्वास बढ़ाती है।
- श्रेष्ठ साहू, संयोजक
गुलाम भारत में आजादी की दीपशिखा जलाने का काम रानी ने खुद के बलिदान से किया था। इसी तरह अपराजिता मुहिम के जरिये अमर उजाला महिलाओं में नई जाग्रति पैदा करने का काम कर रहा है।
- अनिल पाठक, सह संयोजक