हल्के में न लें जोड़ों का दर्द, हो सकता गठिया
झांसी। यदि आपके जोड़ों में दर्द है तो हल्के में न लें। आपको गठिया हो सकता है। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में मामूली दरों पर सफल जोड़ प्रत्यारोपण हो रहे हैं। मॉडलर ओटी बनने के बाद तो ऑपरेशन की राह और आसान हुई है। वहीं, आयुष्मान योजना वाले लाभार्थियों का नि:शुल्क इलाज हो रहा है।
मेडिकल कॉलेज के अस्थि रोग विभागाध्यक्ष डॉ. पारस गुप्ता ने बताया कि वर्तमान समय में गठिया रोग एक विकराल रूप ले चुका है। सामान्यत: यह रोग 55-60 साल की उम्र के बाद होता है लेकिन बहुत सारे युवा भी इस बीमारी का शिकार हो रहे हैं। गठिया प्रमुख रूप से घुटने एवं कूल्हे के जोड़ को प्रभावित करता है। यद्यपि यह शरीर के किसी भी जोड़ को प्रभावित कर सकता है। अत: जोड़ों के दर्द को गंभीरता से लेते हुए तुरंत डॉक्टर से संपर्क कर उपचार शुरू कराना चाहिए। सक्रिय जीवनशैली, व्यायाम, सही खानपान, फिजियोथैरेपी आदि से इस बीमारी को कम किया जा सकता है। गठिया द्वारा जोड़ के पूरी तरह खराब हो जाने के बाद प्रत्यारोपण ही एकमात्र विकल्प है। डॉ. पारस ने बताया कि वर्तमान समय में घुटने व कूल्हे के जोड़ प्रत्यारोपण ऑपरेशन की सफलता का प्रतिशत 95 से भी अधिक है। मेडिकल कॉलेज के अस्थि रोग विभाग में 100 से भी अधिक सफल जोड़ प्रत्यारोपण किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज में विश्वस्तरीय मॉडलर ऑपरेशन थिएटर एवं हड्डी रोग व निश्चेतना विभाग में विशेषज्ञ डॉक्टरों की पूरी टीम है। आयुष्मान योजना के अंतर्गत आने वाले मरीजों का पूरी तरह नि:शुल्क जोड़ प्रत्यारोपण किए जा रहे हैं। जिन मरीजों के पास आयुष्मान योजना का कार्ड नहीं है, उनके जोड़ प्रत्यारोपण भी बेहद मामूली दरों पर किए जा रहे हैं। विभाग में दिन-प्रतिदिन जोड़ प्रत्यारोपण के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है।