लेखपालों की हड़ताल बनी प्रत्याशियों के लिए मुसीबत
तालबेहट। लेखपालों की हड़ताल इस समय नगर निकाय चुनाव के दावेदारों के लिए मुसीबत साबित हो रही है। सोमवार को जाति, निवास बनवाने आए प्रत्याशियों और उनके समर्थकों को मायूस होना पड़ा। भावी प्रत्याशियों ने तहसीलदार राजेंद्र बहादुर से मुलाकात कर इस समस्या का निराकरण कराने की गुहार लगाई।
इस समय पूरे प्रदेश के लेखपाल अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर चले गए हैं। इस कारण वह कोई कार्य नहीं कर रहे हैं। लेखपालों के हड़ताल पर जाने से इस समय सबसे अधिक परेशानी नगर निकाय चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को हो रही है, क्योंकि जाति प्रमाण पत्र न बन पाने के कारण उनकी उम्मीदवारों के अलावा शुल्क में मिलने वाली रियायत का लाभ नहीं मिलेगा। सोमवार को जब कुछ प्रत्याशी जाति एवं मूल निवास बनवाने के लिए तहसील मुख्यालय आए और साइबर कैफे वाले ने उन्हें लेखपालों के हड़ताल की जानकारी देते हुए प्रमाण पत्र शीघ्र न देने की बात कही तो वह सन्न रह गए।
बाद में कुछ प्रत्याशियों ने तहसीलदार राजेंद्र बहादुर से मुलाकात कर इस समस्या के निदान की गुहार लगाई। तहसीलदार ने उन्हें बताया कि वह इस संबंध में उपजिलाधिकारी सहित अन्य उच्चाधिकारियों से वार्ता कर कुछ समाधान निकालेंगे, इससे प्रत्याशियों को परेशानी न हो। वहीं, लेखपाल संघ के जिला मंत्री देवशरण उपाध्याय ने बताया कि प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर मंगलवार को समस्त लेखपालों को काली पट्टी बांधकर तहसील मुख्यालय पर दस से दो बजे तक धरना देंगे। इसके बाद प्रांतीय नेतृत्व जो निर्णय लेगा उसी के अनुसार हम लोग कार्य करेंगे।