ललितपुर। शहर में कहीं पानी ही नहीं मिल रहा तो कहीं बदबूदार पानी मिल रहा। मोहल्ला रैदासपुरा, बड़ापुरा, डैम रोड सहित अन्य मोहल्लों के 14834 परिवारों को नल से पानी के साथ कचरा भी पहुंचाया जा रहा है। परेशान लोगों ने इसकी शिकायत जल संस्थान के अधिकारियों से की तो कोई सुनवाई नहीं हुई। ऐसे में ये परिवार अब हैंडपंप से पानी भरने को मजबूर हैं।
इन मोहल्लों के लोगों का कहना है कि सुबह नल से पीला और बदबूदार आता है। आरोप है कि पानी में कचरा भी आ जाता है। ऐसे में इस पानी को पीने से बीमार होने की आशंका है। परेशान लोग पानी भरने के लिए हैंडपंप पर सुबह से ही जुट जाते हैं।
वहीं, जल संस्थान का दावा है कि पेयजल आपूर्ति के लिए गोविंद सागर बांध का पानी पाइपलाइन से वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में पहुंचता है। यहां पर ब्लीचिंग पाउडर और फिटकरी डालकर इसका शोधन किया जाता है। इसके बाद स्वच्छ जलाशय (सीडब्ल्यूआर) में मोटर के माध्यम से टंकियों में भरा जाता है। यहां से आपूर्ति की जाती है।
यह है व्यवस्था
वाटर ट्रीटमेंट प्लांट - 3
स्वच्छ जलाशय - 2
टंकी - 3
लाभान्वित आबादी - 70 हजार
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लोग बोले - पानी के नमूने की जांच हो
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नल में मैले पानी के साथ ही कचरा भी आ रहा है। इस पानी को पीना तो दूर किसी भी काम में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
- जितेंद्र
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पानी का रंग पीला है। इसका नमूना लेकर जांच किए जाने की जरूरत है।
- छुट्टन
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एक-दूसरे पर टाल रहे अधिकारी
जल संस्थान से नलों से गंदे पानी की आपूर्ति की जानकारी मिली है। मेरी प्रयागराज कुंभ मेला में ड्यूटी है। इसके चलते प्रभार डॉ. देशराज सिंह के पास दिया गया है।
डॉ. वीरेंद्र सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी
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अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी की ओर से प्रभार नहीं दिया गया है। चार्ज मिलने पर पानी के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा जाएगा।
- डॉ. देशराज सिंह, एपीडेमियोलॉजिस्ट
जल निगम की ओर से फिल्टर प्लांट की मरम्मत की जा रही है। इसके तहत वॉल्व और बालू बदला जा रहा है। साथ ही लाइन भी जोड़ी जा रही है। इन सबके लिए फिल्टर प्लांट को कई बार बंद करना पड़ रहा है। इसी से यह समस्या हो रही है।
- शिवराज सिंह, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान