झांसी। जिला अस्पताल में इलाज कराने के लिए आने वाले मरीजों की सुरक्षा राम भरोसे है। ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले कई मरीज और तीमारदार यहां ठगी का शिकार हो रहे हैं। मंगलवार को अस्पताल में परिसर में गुरसराय से इलाज कराने आए दंपती से ठगी हो गई। मोटरसाइकिल से आए दो लोग बीमार महिला से 1500 रुपये ठग ले गए। महिला अपने पति के साथ इमरजेंसी के बाहर बैठकर रो रही थी। आसपास खड़े लोगों ने दंपती को बताया कि अस्पताल में इस तरह की ठगी होना आम बात है, यहां इस तरह के कई लोग घूमते हैं जो बहाने से मरीजों व तीमारदारों से पैसा ठग लेते हैं। बुजुर्ग ने बताया कि वह पैसे उसने इलाज के लिए जमा किए थे। वापस जाने के लिए उसे मदद लेनी पड़ेगी।
गुरसराय निवासी लक्ष्मीनारायण अपनी पत्नी सुशीला देवी का इलाज कराने के लिए सोमवार की शाम को झांसी आए थे। पत्नी को तीन-चार महीने से खांसी और फेफड़ों की कमजोरी की शिकायत है। ज्यादा जानकारी न होने से वह रात में अस्पताल पहुंच गए तो और कोई ठिकाना न देखकर वहीं अस्पताल परिसर में रुक गए। उन्होंने इलाज और जांच के लिए सारे पैसे अपनी पत्नी के पास रखे थे। लक्ष्मीनारायण ने बताया कि सुबह वह जांच के लिए पर्चा बनवाने गए थे। पत्नी वहीं इमरजेंसी के बाहर सामान लिए बैठी थी।
ठगी का शिकार सुशीला देवी ने बताया कि पति के जाते ही कुछ देर बाद अस्पताल परिसर में मोटरसाइकिल से आए दो युवक उनके पास पहुंचे और कहा कि चाचा (महिला के पति) आपकी जांच के लिए पर्चा बनवा रहे हैं, बहुत भीड़ है इसलिए वो लाइन छोड़कर नहीं आ पा रहे हैं। जांच के लिए 1500 रुपये जमा करना है। युवकों ने कहा कि उन दोनों को भेजकर पति ने 1500 रुपये मंगाए हैं। इस पर सीधी सादी बीमार सुशीला देवी ने थैले से 1500 रुपये निकालकर युवकों को दे दिए। उधर, कुछ ही देर में लक्ष्मीनारायण लौटे और पैसे के बारे में पूछा तो उन्हें सारी सच्चाई मालूम पड़ी। ठगी की बात सुनते ही उनकी पत्नी रो पड़ी। लक्ष्मीनारायण ने बताया कि उन्होंने इसके बारे में अस्पताल के कर्मचारियों को बताया लेकिन कोई मदद नहीं हुई। अब इलाज कैसे होगा, इस बात की चिंता में दोनों ने सुबह से कुछ खाया भी नहीं था। दोनों पति-पत्नी काफी देर तक वहीं बैठे रहे जबकि निकल रहे लोग उन्हें बता रहे थे कि अस्पताल में इस तरह के कई मामले होते रहते हैं।