झांसी। जिले को वैक्सीन नहीं मिल पाने की वजह से टीकाकरण अभियान बेपटरी हो गया है। मंगलवार को 34 में से 33 केंद्रों पर वैक्सीनेशन पूरी तरह ठप रहा। सिर्फ जिला अस्पताल में दूसरी डोज वालों को कोवैक्सीन लगाई गई। कोवीशील्ड की तो एक भी डोज झांसी में नहीं लगी। हजारों लोग केंद्रों पर ताला पड़ा होने या वैक्सीन नहीं होने के कारण सेंटरों से मायूस होकर लौट गए। कुछ केंद्रों पर तो लोगों ने टीका नहीं होने पर नाराजगी जताई।
शनिवार से झांसी में टीकाकरण अभियान को मानो ग्रहण लग गया है। लगातार वैक्सीन की कमी से लोग परेशान हैं। मंगलवार को झांसी के जिला अस्पताल को स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कोवैक्सीन की 270 डोज दी गईं। अस्पताल में पहले से ही 130 डोज रखी हुई थी। कुल मिलाकर दिनभर में कोवैक्सीन की दूसरी डोज वालों को ही टीका लगा। कोवीशील्ड लगवाने वाले लोग वैक्सीन न होने पर निराश होकर लौट गए। लखनऊ से टीका नहीं मिल पाने के कारण 34 में से 33 केंद्रों पर टीकाकरण बंद कर देना पड़ा। मेडिकल कॉलेज समेत कुछ वैक्सीनेशन सेंटरों के गेट पर ताला ही लगा दिया गया। साथ ही वैक्सीन की उपलब्धता न होने का नोटिस भी चस्पा कर दिया गया। सुबह से शाम तक हजारों लोग अलग-अलग केंद्रों पर पहुंचे और टीका न लगने की वजह से लौट आए। कई लोग एक से दूसरे केंद्र भटकते रहे। वहीं, जिन लोगों ने पहली वैक्सीन लगवाने के लिए स्लॉट बुक किया था, उन्हें तो टीका लगा ही नहीं।
चार हजार कोवैक्सीन की डोज आई, आज पांच केंद्रों पर लगेगी
लखनऊ से उपलब्ध कराई गई चार हजार कोवैक्सीन की डोज मंगलवार शाम तक झांसी पहुंच गई। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. रविशंकर ने बताया कि बुधवार को मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, आयुर्वेदिक कॉलेज और मऊरानीपुर सीएचसी में कोवैक्सीन लगेगी। हालांकि, दूसरी डोज वालों को ही टीका लगाया जाएगा।
ये बोले लोग
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छह अप्रैल को कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लगी थी। मेडिकल कॉलेज में टीका लगवाने के लिए मैसेज आया था मगर यहां सेंटर पर ताला लटका हुआ है। - आशीष सिंह, आवास विकास।
कोरोना की दूसरी वैक्सीन लगवाने मेडिकल कॉलेज आया हूं। मगर यहां टीका न होने से केंद्र ही बंद है। जबकि, फोन पर आज के टीका लगवाने के लिए संदेश भी आया है। - सत्यम, सदर बाजार।
अप्रैल के पहले हफ्ते में टीके की पहली डोज लगवाई थी। 84 दिन हो जाने के बाद मंगलवार को दूसरी डोज लगवाने आया हूं। मगर मेडिकल कॉलेज में वैक्सीन ही नहीं है। - बृजेंद्र तोमर, सीपरी बाजार।
कोवैक्सीन की पहली डोज लग चुकी है। आज मेडिकल कॉलेज में दूसरी डोज लगवाने के लिए आया था। मगर यहां पर कोई मिला ही नहीं है। पता नहीं अब कब लग पाएगी। - अनिल सोनी, लक्ष्मीगेट।
कोरोना के नए वेरिएंट के खतरे को देखते हुए चांद दरवाजा स्वास्थ्य केंद्र में वैक्सीन लगवाने के लिए आई थी। मगर यहां वैक्सीन न होने पर टीका लगाने से साफ मना कर दिया गया। - मोहिनी, दतिया गेट।
वैक्सीन की पहली डोज लगवाने आई हूं। मगर यहां पर तो सन्नाटा पसरा हुआ है। केंद्र पर एक भी वैक्सीन नहीं है। जबकि, स्लॉट बुक हो चुका है। फिर भी टीका नहीं लग सका। - रंजना, नरसिंहराव टौरिया।
सुबह-सुबह से ही टीका लगवाने के लिए इमलीपुरा स्वास्थ्य केंद्र आ गया था। तब टीका नहीं था। दोपहर में दोबारा आया हूं मगर फिर भी वैक्सीन नहीं आई है। अब घर लौट रहा हूं। - कौशल, दतिया गेट।
इमलीपुरा स्वास्थ्य केंद्र पर टीकाकरण न हो पाने से काफी निराशा हाथ लगी है। वैक्सीन की कमी को जल्द दूर किया जाना चाहिए। क्योंकि टीका ही महामारी से बचा सकता है। - कामिनी साहू, सराय मुहल्ला।
इतवारीगंज स्वास्थ्य केंद्र में सुबह से ही वैक्सीन आने का इंतजार कर रहा हूं। मगर दोपहर तक वैक्सीन नहीं आ पाई। स्टाफ ने अब बुधवार को आने के लिए कहा है। - सुनील गुप्ता, इतवारीगंज।
कई दिनों से टीक लगवाने के लिए सोच रही थी। इसके बाद स्लॉट बुक कराया तो टीकाकरण स्थल इतवारीगंज आया, मगर यहां पर वैक्सीन लगी नहीं। इससे काफी निराशा हुई है। - लीला, उनाव गेट।