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प्रवासी मजदूरों के लिए 15 हजार नए जॉब कॉर्ड

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प्रवासी मजदूर - फोटो : ??????? ?????
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झांसी। महामारी के दौरान वापस आए प्रवासी मजूदरों को गांव में ही रोजगार दिया जाना है। इस दिशा में मनरेगा सबसे अहम कड़ी साबित हो रही है। प्रवासी मजदूरों के लिए 15 हजार नए जॉब कॉर्ड बनवाए गए हैं। इनकी मदद से इनको रोजगार दिया जाएगा। शुरूआत में साढ़े पांच हजार मजदूरों का रजिस्ट्रेशन भी किया गया है।
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महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना मांगने पर न्यूनतम सौ दिनों का रोजगार दिए जाने की गारंटी देती है। इसके तहत 202 रुपये की औसत मजदूरी दी रही है। महामारी की वजह से पैदा हुई नई परिस्थितियों में यह योजना प्रवासी मजदूरों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है। गांव लौटे मजदूरों को इसकी मदद से रोजगार दिया जा रहा है। मनरेगा के कार्यो का दायरा भी बढ़ा दिया गया है। इसके तहत अब 206 विभिन्न कार्य चिह्नित किए गए हैं। इनमें तालाबों के जीर्णोद्घार, गहरीकरण, सिल्ट सफाई, तालाब बंधी, चैकडैम, सिल्ट सफाई जैसे कार्य भी प्रवासी मजदूरों से कराए जाने की योजना है। इन मजदूरों के लिए कुल 15 हजार नए जॉब कार्य बनवाए गए हैं। सामान्य एवं विशेष श्रेणी के दो अलग कार्ड बनवाए गए हैं। विशेष श्रेणी में अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग को शामिल किया गया है। सरकारी आकड़ों के मुताबिक 35 हजार प्रवासी मजदूर वापस लौटे। इनमें से 21 हजार मजदूर अप्रशिक्षित पाए गए। इनका रजिस्ट्रेशन भी शुरू कराया गया है। इनमें साढ़े पांच हजार मजदूरों का रजिस्ट्रेशन कर लिया गया। मनरेगा डीसी रामऔतार के मुताबिक प्रवासी मजदूरों के लिए नए जॉब कार्ड बनवाए जा रहे हैं। उसके मुताबिक उनको काम दिया जाएगा।
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