झांसी। काफी इंतजार के बाद आखिरकार इलेक्ट्रिक बसों के यहां पहुंचने का रास्ता साफ हो गया। झांसी में यह बसें 9 दिसंबर तक पहुंच जाएंगी। शासन ने पहली खेप में 15 बसों को यहां भेजने की बात कही है। इनका संचालन कोछा भांवर स्थित बस डिपो से होगा। इसे देखते हुए निगम अफसरों ने यहां तैयारियां तेज करा दी हैं।
स्मार्ट सिटी मिशन के जरिए सरकार ने वर्ष 2019 में महानगर में सिटी बस सेवा आरंभ करने को मंजूरी दी थी। झांसी समेत सूबे के 14 शहरों में यह सेवा आरंभ की जानी थी लेकिन, कोरोना के चलते यह काम काफी पिछड़ गया। इलेक्ट्रिक बसों में लगने वाली चिप की कमी के चलते कंपनियां भी मांग के मुताबिक बसें तैयार नहीं कर पा रही थीं। शुरू में निगमों को अपने स्तर से बस खरीदने की इजाजत दी गई लेकिन, बाद में सरकार ने खुद इनकी खरीद की। पहली स्लॉट में यह बसें सूबे के महानगरों को दी गईं।
अब दूसरे चरण में यह बसें उन शहरों को दी जा रही हैं जहां बस स्टॉप, चार्जिंग प्वांइट जैसी बुनियादी सहूलियतें तैयार कर ली गई हैं। इसके चलते झांसी को 9 दिसंबर तक 15 बसें दी जा रही हैं। शेष 9 बसें दो माह के भीतर यहां पहुंचेंगी। नगर आयुक्त अवनीश राय के मुताबिक बस चार्जिंग स्टेशन समेत अन्य तैयारियां पूरी हो गई हैं। इसके बाद इनका संचालन आरंभ करा दिया जाएगा। इन बसों के यहां पहुंचने के बाद महानगर में सार्वजनिक परिवहन की शुरूआत हो जाएगी। लोग पांच से दस रुपये का किराया चुकाकर इन बसों में सफर कर सकेंगे। यह बस एसी होगी। इसके लिए पिछले दो साल से इंतजार हो रहा था।
बसों के रूट पर अंतिम मुहर लगना बाकी
इन बसों को चलाए जाने का रूट तय नहीं हुआ। हालांकि प्रारंभिक सर्वे में रूट चयनित हो चुका है। बस संचालन के लिए ऐसा रूट तय किया जा रहा जिससे रेलवे स्टेशन, किला, मेडिकल कॉलेज, बस अड्डे को जोड़ते हुए कॉरिडोर बनाया जा सके। इससे पर्यटकों के साथ रोजाना के यात्री भी लाभ उठा सकेंगे। छात्रों समेत आसपास के लोगों की सुविधा का भी ख्याल रखा जाएगा। निगम अफसरों का कहना है कि भविष्य में ओरछा एवं दतिया को भी इस बस सेवा के जरिए जोड़ा जाएगा।
ये होंगी इन बसों की खूबियां
- पूरी बस वातानुकूलित होगी
- सभी बसें लो-फ्लोर की होंगी जिससे महिलाएं एवं बुजुर्ग बसों में आसानी से चढ़ सकेंगे।
- बस के भीतर सीसी कैमरे एवं पैनिक बटन की सहूलियत होगी।