झांसी। जनपद में अब भी 15 प्रतिशत बच्चे पूर्ण टीकाकरण से अछूते हैं। नियमित और पूर्ण टीकाकरण न होना भी कई बच्चों की मौत का कारण है। हालांकि, सरकार की ओर से पूर्ण टीकाकरण के लिए पांच साल पहले मिशन इंद्रधनुष शुरू किया जा चुका है, मगर लोगों की जागरूकता की कमी, टीकाकरण को लेकर डर और आशाओं द्वारा लोगों को प्रेरित न करना अभियान के लिए रोड़ा साबित हो रहा है।
जन्म के बाद नवजात का टीकाकरण बहुत जरूरी होता है। मौजूदा समय में नए वायरस आने के कारण बच्चों को नए-नए टीके लगने लगे हैं। टीकाकरण न होने से कई बच्चों में विभिन्न किस्म की बीमारियां हो जाती हैं। झांसी की बात करें तो पांच साल पहले तक हर साल टिटनेस, डिप्थीरिया से लगभग 25 बच्चों की मौत हो जाती थी। मौजूदा समय में यह आंकड़ा काफी कम जरूर हुआ है लेकिन खत्म नहीं।
सरकार ने 25 दिसंबर 2014 से मिशन इंद्रधनुष शुरू किया है। ताकि, कोई भी बच्चा पूर्ण टीकाकरण से अछूता न रहे। इसके बावजूद झांसी में 15 फीसदी बच्चे पूर्ण टीकाकरण से अछूते हैं। इस मामले में जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. एके त्रिपाठी ने कहा कि 85 फीसदी पूर्ण टीकाकरण बढ़ी उपलब्धि है। प्रदेश का पूर्ण टीकाकरण का आंकड़ा 72 फीसदी है। उन्होंने कहा कि कई लोग रोजगार की तलाश में दूसरे शहर चले जाते हैं। वरना यह प्रतिशत और ज्यादा होता। अन्य बचे बच्चाें का भी जल्द पूर्ण टीकाकरण हो जाएगा।
ये नए टीके लगने लगे
हाल ही में कई नए खतरनाक वायरस उत्पन्न हो गए हैं। इस वजह से इनके टीके भी टीकाकरण अभियान में शामिल किए गए हैं। इनमें रोटावायरस, पेंटावेलेंट वैक्सीन (इसमें टीपीटी, हेपेटाइटिस-बी, एचआईवी, शामिल होता है), पोलियो इंजेक्शन, स्वाइन फ्लू, जापानी इंसेफिलाइटिस, मैनिंगों कोकल आदि शामिल है। हालांकि, इसमें से कुछ राष्ट्रीय टीकाकरण सारिणी में शामिल नहीं हैं।
रियायती दरों पर लगवा सकते टीके
राष्ट्रीय टीकाकरण सारिणी में शामिल वैक्सीन सरकारी अस्पतालों में नि:शुल्क लगती हैं। इस सारिणी से बाहर वैक्सीन मेडिकल कॉलेज रोटरी क्लब के जरिए रियायती दरों पर लगवा रहा है। इस कारण प्राइवेट की तुलना में मेडिकल कॉलेज में काफी कम दाम पर पीसीवी (1, 2, 3), हेपेटाइटिस ए-1, टॉयफाइड, वेरिसेला-1, पीसीवी बूस्टर, हेपेटाइटिस-ए 2, बूस्टर ऑफ टॉयफाइड, वेरिसेला-2 आदि वैक्सीन लगती हैं।
ये रखें ध्यान
- बुखार आने पर डरें नहीं
- गांठ, लाल पड़ने पर सिकाई करें
- कोई समस्या हो तो डॉक्टर को दिखाकर दवा लें