झांसी। झांसी-धौलपुर के बीच तीसरी रेल लाइन पर 160 में 110 किलोमीटर पर जमीन समतलीकरण का काम अलग- अलग जगह तेजी से चल रहा है। इस लाइन पर 180 छोटे-बडे़ पुल बनने हैं, जिसमें 12 बड़े और 60 छोटे पुलों को बनाने का काम चालू हो गया है। 11 छोटे पुल भी बन गए हैं।
झांसी से मथुरा के बीच 273 किलोमीटर में तीसरी रेल लाइन का काम स्वीकृत है। इस काम को झांसी से धौलपुर और धौलपुर से मथुरा के बीच बांटा गया है। इसमें झांसी से आंतरी के बीच नोएडा की केपीटीआई, आंतरी से धौलपुर के बीच गुड़गांव की जीआर इंफ्रा और धौलपुर से मथुरा के बीच दिल्ली की एसटीएस कंपनी को काम सौंपा गया है। झांसी से धौलपुर के बीच 180 छोटे और बड़े पुल बनने हैं। इसमें 60 छोटे और 12 बड़े पुलों पर काम शुरू हो गया है। वहीं, रेल विकास निगम लिमिटेड डबरा से आंतरी के बीच 20 किलोमीटर ट्रैक को सबसे पहले चालू करने में जुटा है। समतलीकरण के बाद स्लीपर (रेल पटरी के नीचे डाले जाने वाले खंभे) डालने का काम शुरू हो गया गया। साथ ही करारी, सोनागिर, कोटरा व अनंतपेठ स्टेशनों की नई बिल्डिंग का काम भी लगभग पूरा कर लिया गया है। रेल विकास निगम लिमिटेड के एक अधिकारी ने बताया कि पुल बनने में वक्त लगता है। इसलिए इस काम को पहले किया जा रहा है।
20 स्टेशनों पर होगा काम
झांसी-धौलपुर सेक्शन के बीच 20 स्टेशन आते हैं। तीसरी लाइन के हिसाब से इन स्टेशनों को भी अपग्रेड किया जा रहा है। इनमें करारी, चिरुला, दतिया, सोनागिर, कोटरा, डबरा, सिमरिया ताल, अनंतपेठ, आंतरी, संदलपुर, सिथौली, ग्वालियर, विरलानगर, रायरू, वानमोर, नूराबाद, सांख, मुरैना, सिकरौदा, हेतमपुर शामिल हैं।