मेडिकल कॉलेज में आपकी जान को अब खतरा नहीं
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज की मॉड्यूलर ओटी में अब किसी को भी जान का खतरा नहीं है। बेफिक्र होकर आप यहां इलाज करा सकते हैं। मॉड्यूलर ओटी में अब एक ही टेबल पर सर्जरी शुरू हो गई हैं। ऐसे में संक्रमण फैलने का खतरा भी खत्म हो गया है। अमर उजाला के मुद्दा उठाने के बाद कॉलेज प्रशासन ने इसमें सुधार करा दिया है।
मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए शासन ने मेडिकल कॉलेज के ऑर्थो, ईएनटी, गायनी, सर्जरी, प्लास्टिक सर्जरी, आई विभागों के ऑपरेशन थिएटर को मॉड्यूलर बनवाया है। मॉड्यूलर ओटी में मरीजों को संक्रमण फैलने का खतरा न के बराबर होता है। हाईटेक सुविधाएं होने से सर्जरी में कम समय लगता है। सुविधाएं मिलने से डॉक्टरों को भी ऑपरेशन में सहूलियत होती है। शासन की अच्छी मंशा को यहां के कुछ चिकित्सक चौपट करने में जुटे थे। ओटी में एक के बजाए दो टेबल डालकर मरीजों का ऑपरेशन किया जा रहा था। अमर उजाला ने बुधवार के अपने अंक में ‘नियम रहे ‘कराह’, डॉक्टर बेपरवाह’ शीर्षक से प्रमुखता से खबर प्रकाशित कर इस मुद्दे को उठाया था। इसके बाद कॉलेज प्रशासन की नींद टूटी। जहां-जहां दो ओटी टेबल रखी हुई थी, वहां-वहां से एक-एक हटवाई गईं। अब सभी मॉड्यूलर ओटी में एक ही टेबल रखी हुई है। ऐसे में ऑपरेशन के दौरान किसी भी मरीज की जान को अब कोई खतरा नहीं है।
रियायती दरों पर बेहतर इलाज की सुविधा
निजी नर्सिंगहोमों की तुलना में मेडिकल कॉलेज की मॉड्यूलर ओटी में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हैं। इस ओटी में संक्रमण फैलने का खतरा न के बराबर होता है। निजी नर्सिंगहोम में ऑपरेशन कराने पर मरीज के हजारों रुपये एक बार में खर्च हो जाते हैं, वहीं मेडिकल कॉलेज में बेहद रियायती दरों पर इलाज मिल जाता है। प्रदेश सरकार का भी अधिक फोकस होने की वजह से यहां पर अधिकतर दवाएं, इंजेक्शन, जांचों की सुविधा आदि उपलब्ध है।