अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। जेल चौराहा सब स्टेशन पर शुक्रवार को ब्रेकर बदलने के चलते सुबह से शाम तक बिजली गुल रही। करीब 14 घंटे से अधिक समय तक आपूर्ति ठप होने से लोग गर्मी से तड़पते रहे। वहीं, मुन्नालाल सब स्टेशन की लाइन में कार्य के चलते सुबह से दोपहर तक आपूर्ति बाधित रही। गर्मी बढ़ते ही सब स्टेशनों में समस्या आना शुरू हो गई है। महानगर के अधिकांश सब स्टेशनों में मेंटेनेंस कार्य के चलते एक जैसे हालत बने हुए हैं।
मौसम के तल्ख होते ही लोगों ने पंखे, कूलर आदि चलाने शुरू कर दिये हैं। इस कारण मांग बढ़ते ही नगर के तेरह बिजली घरों की आपूर्ति व्यवस्था चरमराने लगी है। शाम होेते ही सभी बिजली घर ओवर लोड होने लगते हैं, इससे सभी सब स्टेशनों से जुड़े क्षेत्रों की बिजली एक से दो घंटे तक काटी जा रही है। इस बीच अगर किसी लाइन में फॉल्ट आ जाए तो कटौती का समय बढ़ जाता है। उस पर विद्युत विभाग के देर से जागने के कारण अधिकांश सब स्टेशनों पर मेंटेनेंस का काम चल रहा है। इससे दिन के समय लोगों को अघोषित कटौती का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार को जेल चौराहा सब स्टेशन पर ब्रेकर बदलने का काम सुबह साढ़े सात बजे शुरू किया गया जो देर शाम तक चलता रहा।
इस दौरान इलाइट चौराहा, सिविल लाइन, जानकीपुरम कालोनी, विवेकानंद कालोनी, पुलिस कालोनी, स्टेशन रोड, सदर बाजार, एमईएस आदि क्षेत्र के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इसी तरह हंसारी पॉवर हाउस से मुन्नालाल सब स्टेशन आने वाली 33 केवी लाइन पर कार्य के चलते सुबह दस बजे से अपराह्न साढ़े तीन बजे तक संबंधित क्षेत्रों की बिजली गुल रही। इस दौरान मिशन कंपाउंड, बंसल कॉलोनी, सिद्धेश्वर नगर, इंद्रपुरी कॉलोनी, अंदर-बाहर दतिया गेट, नई बस्ती, राई का ताजिया, अलीगोल, मुकरयाना, गंधीगर का टपरा, सर्राफा बाजार, गोला कुआं, पंचकुइयां, खंडेराव गेट, तहसील, बाबूलाल कारखाना, आशिक चौराहा, बीकेडी आदि क्षेत्र के लोगों के लिए पल-पल गुजारना भारी रहा।
‘गर्मियों में लोगों को फॉल्ट के चलते अघोषित कटौती का सामना न करना पड़े। इस कारण सभी सब स्टेशनों पर मशीनों को दुरुस्त किया जा रहा है।’
- राकेश कुमार गुप्ता, अधीक्षण अभियंता
पानी नहीं भर सके लोग
दिन के समय बिजली न आने से शुक्रवार को जेल चौराहा व मुन्नालाल सब स्टेशनों से जुड़े उपभोक्ताओं के घर पर नलों से पानी तो आया, मगर बिजली न होने से पानी को संरक्षित होकर नहीं रख सके। छतों पर रखीं टंकियां पानी से नहीं भर सकीं।