फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मेडिकल कॉलेज अगस्त में बनेगा ई-हॉस्पिटल -City

विज्ञापन
विज्ञापन
अगस्त से मेडिकल कॉलेज में ई-हॉस्पिटल
विज्ञापन

झांसी। लखनऊ के एसजीपीजीआई की तर्ज पर महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज को ई-हॉस्पिटल बनाने की कवायद शुरू हो चुकी है। अगस्त तक यह तैयार हो जाएगा। इसके बाद मरीजों को सारी सुविधाएं ऑनलाइन मिलेंगी, जिससे मरीजों का समय बचेगा। डॉक्टर भी मरीज का पूरा रिकॉर्ड कंप्यूटर पर देख सकेंगे।

प्रदेश सरकार ने सभी मेडिकल कॉलेजों को ई-हॉस्पिटल बनाने के निर्देश दिए हैं। झांसी मेडिकल कॉलेज में ई-हॉस्पिटल को लेकर कंप्यूटर से इंटरनेट कनेक्टिविटी के लिए वायर और सॉकेट प्वाइंट समेत कई काम तेजी से चल रहे हैं। ई-हॉस्पिटल बनाने का उद्देश्य मरीजों को बिना देरी के बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। मेडिकल कॉलेज के ई-हॉस्पिटल हो जाने के बाद अस्पताल आने वाले मरीजों को रजिस्ट्रेशन के लिए कतार में खड़ा होने से निजात मिलेगी। सबसे पहले मरीजों को रजिस्ट्रेशन के समय यूनीक आईडेंटिफिकेशन नंबर (यूआईडी) दिया जाएगा। इ
विज्ञापन


सके बाद इलाज से संबंधित पूरा काम ऑनलाइन शुरू होगा। रजिस्ट्रेशन के अलावा जांच रिपोर्ट भी ऑनलाइन मिलेगी। वार्डों, आईसीयू, ऑपरेशन थिएटर समेत अन्य विभागों से जुड़े मरीजों का विवरण ऑनलाइन रहेगा। यूआईडी के आधार पर जटिल रोगों से ग्रस्त मरीजों के मामलों में भी डॉक्टर ऑनलाइन रिपोर्ट देखकर उसे सलाह दे सकेंगे। यदि ऑपरेशन की जरूरत पड़ती है तो मरीजों को ऑनलाइन ही ऑटोमेटिक जनरेटेड नंबर दिया जाएगा।

बॉक्स..
पांच साल तक स्टाफ देगी कंपनी
मेडिकल कॉलेज को ई-हॉस्पिटल बनाने के लिए बहुत तेजी से काम चल रहा है। जिस कंपनी को ये काम दिया गया है, वो काम के लिए पांच साल तक अपना स्टाफ देगी। पूरा सेट-अप तैयार करेगी। नेफ्रोलॉजी विभाग में हब सेंटर बनाया जा रहा है। वहीं से पूरी ऑनलाइन प्रक्रिया संचालित होगी। - डॉ. हरीशचंद्र आर्या, सीएमएस।
विज्ञापन


पत्राचार की जगह ईमेल
महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में ई-ऑफिस भी बनाया जाएगा। इसकी प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। ई-ऑफिस बनने के बाद संपूर्ण कार्य ऑनलाइन होगा। कागजी कार्रवाई में कमी आएगी। कोई भी पत्राचार करने के बाद ई-मेल भेजी जाएगी। जरूरत पड़ने पर ई-मेल से ही जवाब-तलब होगा। इसके लिए सभी कर्मचारियों के डिजिटल साइन बनाने का काम पूरा हो गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें