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बच्चों को घर लेेने पहुंच रहे मदरसा टीचर
- निरीक्षण के दौरान सामने आई हकीकत
- कार्रवाई से बचने के लिए कर रहे मेहनत
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
कार्रवाई होने के डर से मदरसों के टीचर बच्चों को लेने के लिए उनके घर जा रहे हैं, ताकि निरीक्षण में सब बेहतर मिले। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी अमित प्रताप सिंह ने 14 मदरसों का निरीक्षण किया, इसमें ज्यादातर मदरसों में बच्चों की उपस्थिति ठीक मिली।
शासन के निर्देश पर चल रही मदरसों की जांच के क्रम में अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने मदरसों का निरीक्षण किया। सिर्ल्वटगंज प्रेमनगर के हाजी मोहम्मद सलीम मदरसा में छात्रांकन 85 के सापेक्ष 60 बच्चे उपस्थित मिले। इसी तरह मदरसा लिटिल अरेबिक स्कूल प्रेमनगर में छात्रांकन 110 के सापेक्ष 62 बच्चे उपस्थित थे। मदरसा इस्लामिक शाह सकलैनी स्कूल में 34 बच्चे मिले। फिरदौस अरेबिक स्कूल पुलिया नंबर नौ में 25 बच्चे उपस्थित मिले। हाफिज नफीस मेमोरियल गुदरीपुरा नगरा और मदरसा इकरार अरैबिक स्कूल प्रेमनगर में 30 बच्चे उपस्थित मिले। बच्चों की बढ़ी संख्या के बारे में पूछने पर शिक्षकों ने बताया कि वह स्वयं बच्चों को लेने के लिए उनके घर जा रहे हैं। इससे अभिभावकों पर भी अच्छा प्रभाव पड़ रहा है और वह खुद भी बच्चों को मदरसा में भेजने के लिए उत्सुक दिखाई दे रहे हैं।
इनसेट
अभिभावकों को हो रहा मोहभंग
ज्यादातर मदरसों की स्थिति को देखते हुए उसमें पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों का मदरसों से मोह भंग होता जा रहा है। इसलिए मदरसा संचालक मदरसे को कांवेंट स्कूल का नाम दे रहे हैं। मदरसा के स्थान पर वह केवल एम. लिख दे रहे हैं, ताकि अभिभावक समझें कि मदरसा नहीं, यह कांवेंट स्कूल है।