किसानों का ब्योरा होगा आनलाइन
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
प्रमुख सचिव वित्त एवं संस्थागत अनूप पांडेय ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कहा कि ‘फसली ऋण मोचन योजना’ का लाभ लेने के लिए किसानों को अपना ब्योरा ऑनलाइन पंजीकृत कराना होगा। इसके लिए 04 से 15 जुलाई तक अभियान चलेगा। योजना के दायरे में लघु और सीमांत किसानों (छोटे किसान) का पंजीकरण होगा।
उन्होंने कहा कि यदि तय समय पर डाटा फीड नहीं किया जाता है तो किसानों को योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा। किसानों का डाटा फीड होने के बाद प्रदेश स्तर की कमेटी जिला कृषि अधिकारी को पूरा ब्योरा उपलब्ध कराएगी, इसके बाद वह डिजिटल साइन करके डाटा बैंक शाखाओं को उपलब्ध कराएंगे। इससे काश्तकारों को फसल क्षति की राशि सीधे बैंक खातों में स्थानांतरित की जा सकेगी। बैंक शाखा प्रबंधक अपने यूजर आईडी के माध्यम से किसान का मोबाइल नंबर, आधार नंबर तथा पता फीड करेंगे। यदि किसी किसान का गलत आधार नंबर डाला जाता है तो साफ्टवेयर उसे स्वीकार नहीं करेगा। डाटा तैयार हो जाने के बाद तीन प्रकार की सूचियां आनलाइन उपलब्ध होेंगी। पहली सूची आधार नंबर, दूसरी बिना आधार नंबर व तीसरी सूची भूलेख के आधार पर बनेगी। सूची तैयार होने के बाद कृषि विभाग में किसान इसे देख सकेंगे। यदि सूची पर कोई आपत्ति है तो उसे दर्ज करा सकेंगे। सूची पर आई आपत्तियों का निस्तारण जिला स्तरीय कमेटी द्वारा किया जाएगा। इस मौके पर जिलाधिकारी कर्ण सिंह चौहान, मुख्य विकास अधिकारी ए. दिनेश कुमार, संयुक्त कृषि निदेशक एस के अग्निहोत्री, उप कृषि निदेशक डा. यूपी सिंह, जिला कृषि अधिकारी डा. बीआर मौर्य उपस्थित रहे।
बैठक तीन को
जिला के सभी बैंक शाखा प्रबंधक जिनके यहां किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए गए हैं, उनकी बैठक विकास भवन सभागार में 03 जुलाई को दिन में 03 बजे से होगी। जिलाधिकारी ने कहा कि बैंक प्रबंधक ‘फसली ऋण मोचन योजना’ के अंतर्गत सभी किसानों की ऋण संबंधी जानकारी साथ लाएं।
- आधार नंबर फीड करना अनिवार्य