झांसी। ट्रेन के आधे घंटे पहले तक आरक्षण रद कराने की योजना शुरू होने के साथ ही अब मंडल के 13 स्टेशनों पर रात में आरक्षण रद कराने की सुविधा को शुरू किया जा रहा है। यात्रियों को रिफंड अनारिक्षत काउंटरों पर उपलब्ध कराया जाएगा। यह सुविधा माह के अंत तक शुरू हो जाएगी।
रेलवे 12 नवंबर से पहले ट्रेन आने के चार घंटे पूर्व तक आरक्षित टिकट जारी करता था। इसके बाद आरक्षण चार्ट जारी हो जाता था। मगर अब गाड़ी आने के निर्धारित समय के हिसाब से (समय सारिणी के अनुसार) आधे घंटे तक आरक्षित टिकट मिलने लगा है।
हालांकि, अभी भी पहला चार्ट चार घंटे पहले ही बनता है, जबकि दूसरा चार्ट आधे घंटे पहले बनने लगा है। इसी तरह रेलवे पहले ट्रेन जाने के दो घंटे तक कंफर्म टिकट व आरएसी तथा वेटिंग टिकट की स्थिति पर तीन घंटे तक किराए का रिफंड (निर्धारित चार्ज काटने के उपरांत) वापस कर देता था।
मगर अब ट्रेन आने के आधे घंटे पहले तक ही रिफंड दिया जा रहा है। इस कारण अंतिम समय यात्रा स्थगित करने अथवा ट्रेन छूटने पर यात्री को रिफंड के तौर पर एक फूटी कौड़ी भी रेलवे वापस नहीं कर रहा है। इस कारण अब यात्रियों को समय से आरक्षण रद कराने पड़ रहे हैं।
चूंकि, आरक्षण काउंटर सुबह आठ बजे से रात दस बजे तक ही खुलते हैं, इससे रात दस बजे से सुबह आठ बजे तक आरक्षण रद कराने में यात्रियों को दिक्कतें आ रही हैं। फिलहाल रेलवे अभी ऐसे स्टेशनों पर मैन्यूअली रिफंड वापस कर रहा है।
हालांकि, यह परेशानी झांसी व ग्वालियर (अप) स्टेशन के यात्रियों को नहीं हैं, क्योंकि इन स्टेशनों पर उक्त अवधि में पूछताछ कार्यालय में खुले एक काउंटर पर रिफंड देने की व्यवस्था संचालित है। मगर, इसके अलावा मंडल के अन्य वह स्टेशन जहां आरक्षण की सुविधा है और रात में कंप्यूटर से रिफंड की व्यवस्था नहीं है।
रेल प्रशासन अब ऐसे स्टेशनों पर संचालित अनारक्षित काउंटरों से ही आरक्षित टिकट रिफंड की व्यवस्था करने जा रहा है। इन स्टेशनों के नाम ग्वालियर (डाउन), मुरैना, उरई, ललितपुर, बांदा, बबीना, चित्रकूट धाम कर्वी, दतिया, डबरा, पुखरायां, अतर्रा, महोबा व हरपालपुर हैं। इस संबंध में जनसंपर्क अधिकारी गिरीश कंचन ने बताया कि इस माह के अंत तक यह सुविधा उक्त स्टेशनों पर शुरू हो जाएगी।