झांसी में बनेगा सेना के जवानों की वर्दी का धागा
सब हेड ---- डिफेंस कॉरिडोर के लिए पहले निवेश पर बनी सहमति
- 50 एकड़ जमीन व दो मेगावाट बिजली दी जाएगी
- कंपनी तीन चरणों में करेगी 625 करोड़ का निवेश
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। जिले में बन रहे डिफेंस कॉरिडोर के लिए 625 करोड़ रुपये के पहले निवेशक और प्रदेश सरकार के बीच सहमति बन गई है। दोनों के बीच लेटर ऑफ कंफर्ट (सहमति पत्र) साइन हो गया है। कंपनी तीन चरणों में 625 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इसके लिए 50 एकड़ जमीन दी जाएगी। कंपनी धागा तैयार करेगी, जिससे आर्मी के जवानों की वर्दी, मोजा, तौलिया, चादर आदि बनाए जाएंगे। इससे 1400 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार और इतने ही लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।
गरौठा तहसील के एरच व आसपास के दस गांवों की 2,773 हेक्टेयर जमीन पर डिफेंस कॉरिडोर (रक्षा गलियारा) विकसित किया जाएगा। कॉरिडोर में सेना के लिए जरूरी सामान बनाया जाएगा। प्रदेश सरकार डिफेंस कॉरिडोर को जल्द से जल्द धरातल पर उतारना चाहती है। इसलिए कंसल्टेंट कंपनी कॉरिडोर के स्वरूप का खाका तैयार कर रही है। किसानों की जमीन अधिग्रहण करने के बाद उन्हें 940 करोड़ रुपये मुआवजा बांटने की तैयारी चल रही है। इसके लिए पिछले दिनों लखनऊ में हुई इन्वेस्टर समिट में निवेशकों को डिफेंस कॉरिडोर में इकाई लगाने के लिए सुविधाएं देने की घोषणा की गई थी। इसी क्रम में नोएडा की वुड स्पिन टेक्सटाइल्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने इन्वेस्टर समिट में कॉरिडोर के लिए निवेश करने पर एमओयू साइन किया था।
प्रदेश सरकार के प्रतिनिधियों और कंपनी के चेयरमैन विशाल कुमार शर्मा की मुलाकात के बाद करीब-करीब सहमति बन गई है। लेटर ऑफ कंफर्ट (सहमति पत्र) पर हस्ताक्षर हो गए हैं। जिलाधिकारी शिवसहाय अवस्थी ने इसके लिए पत्र भेज दिया है। कंपनी तीन चरणों में 625 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इसमें पहले चरण में 125 करोड़ रुपये, दूसरे चरण में 250 करोड़ और तीसरे चरण में 250 करोड़ रुपये निवेश होंगे। कंपनी को 50 एकड़ जमीन दी जाएगी। इसके लिए कंपनी को दो मेगावॉट बिजली का कनेक्शन दिया जाएगा। कंपनी प्रति महीना 600 मेट्रिक टन धागा तैयार करेगी, इसका उपयोग सेना के जवानों के लिए वर्दी, टोपी, मोजा, तौलिया, चादर आदि बनाने में किया जाएगा। पहले चरण में 400 लोगों को रोजगार मिलेगा, लेकिन तीन चरण का काम पूरा होने के बाद 1400 लोग सीधे कंपनी के रोजगार से जुड़ जाएंगे और हजारों लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिल जाएगा।
अक्तूबर में काम शुरू होगा
कंपनी अक्तूबर में काम शुरू कर देगी। डिफेंस कॉरिडोर के लिए यह पहला प्रस्ताव है, जिस पर सहमति लगभग पूरी हो गई है। कुछ औपचारिकताएं हैं, उन्हें भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा। इसके लिए शासन स्तर पर बैठक हो गई है।
- सुधीर कुमार श्रीवास्तव, उपायुक्त उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र