बारिश ने तोड़ा नौ साल का रिकॉर्ड
सब हेड: 2008 के बाद दूसरी बार लौटते वक्त झमाझम बरसा मानसून
- उत्तरी भारत से कर रहा है वापसी
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
दो दिनों से हो रही मानसूनी बारिश ने पिछले नौ साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। वर्ष 2008 के बाद दूसरी बार मानसून ने लौटते समय झमाझम बरसात की है। मौजूदा समय में मानसून उत्तर भारत से वापसी कर रहा है।
जिले में 15 जून से 30 सितंबर तक मानसून का सीजन रहता है। पिछले साल तो मानसून की शुरूआत में जबरदस्त बारिश हुई थी, लेकिन इस बार लगभग सूखा पड़ गया। झांसी में औसत मानसूनी वर्षा 863.8 मिलीमीटर होती है। पिछले दो दिनों को छोड़ दें तो मौजूदा सीजन में अब तक लगभग पौने तीन सौ मिलीमीटर ही बारिश हुई थी। जबकि, बृहस्पतिवार और शुक्रवार को मिलाकर लगभग 75 मिलीमीटर पानी बरस चुका है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. मुकेश चंद्र ने बताया कि मानसून के लौटते समय हर साल अच्छी बारिश नहीं होती है। इससे पहले अच्छी वर्षा वर्ष 2008 में हुई थी। अब नौ साल बाद उत्तर भारत से लौटते समय फिर से अच्छी मानसूनी बारिश हुई है। आगे भी बारिश जारी रहने की संभावना है।
फसलों के लिए अमृत
मानसूनी सीजन के अंतिम पड़ाव पर हुई यह बारिश खड़ी और भविष्य मेें बोई जाने वाली फसलों के लिए अमृत साबित होगी। चना, मटर, मसूर, अलसी, सरसों, कठिया गेहूं, ज्वार की फसल की अगले माह बुवाई होनी है। ऐसे में रबी की फसल की बुवाई के लिए जमीन में नमी नहीं होने के कारण किसान परेशान थे। बारिश हो जाने से नमी संरक्षित हो गई है। पलेवा में ही सबसे ज्यादा पानी की आवश्यकता होती है, वो अब मिल गया है। वहीं, तिल, मूंगफली, सोयाबानी, धान, ज्वार, अरहर की खड़ी फसलों को पानी बरसने से बहुत फायदा होगा। हालांकि, उर्द, मूंग और शुरू में बोए जा चुके तिल की कटाई हो जाने से खेत में पड़े होने के कारण आंशिक नुकसान भी पहुंचा है।
चार दिन में नौ डिग्री गिरा अधिकतम पारा
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तारीख अधिकतम न्यूनतम
19 सितंबर 36 27
20 सितंबर 35 27
21 सितंबर 29 25
22 सितंबर 27 25