फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एमबीबीएस 2016 बैच की परीक्षा स् थगित-City

विज्ञापन
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज का लोगो
विज्ञापन

....................................
एमबीबीएस 2016 बैच की परीक्षा स्थगित
- एक भी छात्र की 75 फीसदी उपस्थिति नहीं
- हाजिरी पूरी करने को अतिरिक्त कक्षाएं लगेंगी
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस 2016 बैच के छात्र-छात्राओं की वार्षिक परीक्षा स्थगित कर दी गई है। इसका कारण 100 विद्यार्थियों के बैच में एक भी छात्र की उपस्थिति 75 फीसदी नहीं होना है। अब अतिरिक्त कक्षाएं लगाकर उपस्थिति पूर्ण कराई जाएगी। तब जाकर परीक्षा होगी।
एमबीबीएस 2016 बैच की एनाटोमी, फिजियोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री विषयों की परीक्षाएं 11 सितंबर 2017 से शुरू होनी थी। बताया गया कि सौ बच्चों के बैच में अधिकतम उपस्थिति वाले छात्र का प्रतिशत 66, जबकि न्यूनतम वाले का छह है। नियमानुसार 75 फीसदी उपस्थिति वाले विद्यार्थी ही परीक्षा में बैठ सकते हैं। इस कारण बैच के सभी विद्यार्थियों को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं मिली और इसका स्थगित कर दिया गया। प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि छात्र पढ़ाई को लेकर लापरवाही बरत रहे हैं। हर माह उपस्थिति की रिपोर्ट महानिदेशक को भेजी जाती है। अब जब तक उपस्थिति 75 फीसदी नहीं हो जाएगी, तब तक परीक्षा नहीं कराई जाएगी। अतिरिक्त कक्षाएं लगाकर उपस्थिति पूर्ण कराई जाएगी।
विज्ञापन

बॉक्स..
सीएम से की शिकायत
परीक्षाएं स्थगित होने के बाद मामले की शिकायत मुख्यमंत्री के आईजीआरएस पोर्टल पर की गई है। इसकी जांच कमिश्नर को सौंपी गई है। शिकायत में 40 फीसदी विद्यार्थियों की उपस्थिति 75 फीसदी या उससे अधिक होने की बात कही गई है। इसके अलावा एक विभागाध्यक्ष पर भी आरोप लगाया गया है कि उन्होंने अपने चहेते छात्रों की उपस्थिति पूर्ण न होने पर सबकी परीक्षा स्थगित कराई है। इस प्रकरण में मेडिकल कॉलेज ने सभी छात्रों से शिकायत नहीं करने की बात लिखवाकर कमिश्नर को शपथपत्र भेजा था, जिसे उन्होंने अस्वीकार कर दिया है। कॉलेज प्रशासन से शिकायत के सभी बिंदुओं पर रिपोर्ट बनाकर भेजने को कहा गया है।
विज्ञापन

बॉक्स..
यकीन करना मुश्किल
सौ बैच के छात्र में एक की भी उपस्थिति 75 फीसदी तक नहीं पहुंचने की बात पर किसी को भी यकीन नहीं हो रहा है। खुद मेडिकल कॉलेज के अधिकारी भी चकित हैं। हालांकि, कुछ लोगों का कहना है कि बैच के छात्र आपस में बात करके एक साथ कक्षा से गोल हो जाते थे। एक सवाल यह भी खड़ा हो रहा है कि जब शिक्षकों को विद्यार्थी नहीं मिलते थे, तो उन्होंने इसकी शिकायत अधिकारियों से की या नहीं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें