फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मुझसे रेमडेसिविर क्यों नहीं लिया, ले जाओ मरीज को

विज्ञापन
विज्ञापन
झांसी। वीरांगना नगर के नर्सिंगहोम के डॉक्टर पर एक लाख रुपये में रेमडेसिविर इंजेक्शन नहीं लेने पर ऑक्सीजन सपोर्ट पर भर्ती मरीज को भगाने का आरोप लगा है। मरीज के पिता ने मामले की शिकायत भी दर्ज कराई है। साथ ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर पर भी शिकायत की है।
विज्ञापन

सैंयर गेट निवासी 82 साल के बुजुर्ग की 23 अप्रैल को कोरोना की पॉजिटिव रिपोर्ट आई थी। दो दिन तक घर में होम आइसोलेट रहने के बाद जब उन्हें बुखार न उतरने और सांस फूलने की समस्या शुरू हुई तो परिजन 25 अप्रैल को परिजन वीरांगना नगर के एक अस्पताल लेकर पहुंचे। उनके बेटे ने बताया कि डॉक्टर ने एक्सरे और जांचें करने के बाद भर्ती कर लिया। बेटे का आरोप है कि 26 अप्रैल को डॉक्टर ने रेमडेसिविर इंजेक्शन लाने के लिए कहा। 27 को उन्हें पर्चे पर लिखकर दिया। 28 अप्रैल को वो दो रेमडेसिविर इंजेक्शन मेडिकल स्टोर से ले आए। उसी दिन उनके पिता को दो इंजेक्शन लग गए। डॉक्टर ने 29 अप्रैल से एक मई तक लगातार एक-एक इंजेक्शन की व्यवस्था करने को कहा। उनका आरोप है कि बृहस्पतिवार को जब उन्हें इंजेक्शन नहीं मिला तो वो नर्सिंगहोम के डॉक्टर ने कहा कि उसके पास हैं। एक साथ चारों इंजेक्शन मिल जाएंगे। डॉक्टर ने दो इंजेक्शन दिखाए भी और कहा कि प्रत्येक इंजेक्शन एक-एक लाख रुपये में मिलेगा। शिकायकर्ता के मुताबिक उनके भतीजे के दोस्त के दादा की कोरोना से मौत हो जाने के बाद एक इंजेक्शन परिजनों के पास बचा हुआ था। ऐसे में वहां से मंगवा लिया। जब डॉक्टर को इंजेक्शन लगाने के लिए दिया तो वो भड़क गए। आरोप है कि डॉक्टर चिल्लाकर बोलने लगे कि बाहर से एक-एक लाख का इंजेक्शन खरीदकर ला रहे हो मगर मुझसे नहीं ले रहे। मुझसे लेते तो कुछ पैसे कम कर देता। फिर डॉक्टर ने मरीज को तुरंत अस्तपाल से ले जाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि उन्होंने पुलिस को भी बुलाया। बाद में मरीज को निजी अस्तपाल ले गए। उनका आरोप है कि डॉक्टर ने उन्हें पक्के बिल भी नहीं दिए हैं। उन्होंने मामले की शिकायत सिटी मजिस्ट्रेट से करते हुए कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें