झांसी। वाणिज्य कर विभाग की ‘ब्याज माफी योजना - 2021’ में अब तक 116 व्यापारियों ने लाभ लिया है। योजना में व्यापारियों को बकाया टैक्स पर लगाए गए ब्याज में छूट देने का प्रावधान है। व्यापारियों ने इसके अंतर्गत तीन करोड़ रुपये जमा किए हैं।
वाणिज्य कर विभाग में बहुत से व्यापारी ऐसे हैं, जो समय पर अपना रिटर्न जमा नहीं करते हैं। इस कारण व्यापारियों के ऊपर विभाग का बकाया बढ़ता जा रहा है। बकाया जमा कराने के लिए शासन ने ब्याज माफी योजना शुरू की है। पहले इसे तीस जून तक लागू किया था लेकिन कोरोना की तीसरी लहर के कारण व्यापारियों ने इसमें रुचि नहीं दिखाई तो योजना को दो सितंबर तक के लिए बढ़ा दिया है। योजना 31 दिसंबर-2020 तक की बकाया राशि पर लगे ब्याज पर लागू है। ब्याज में छूट देने के बाद 30 दिनों में संबंधित व्यापारी को ‘नो ड्यूज’ जारी कर दिया जाता है।
योजना में 10 लाख तक के मूल बकाए वाले छोटे व्यापारियों को पूरा बकाया जमा करने पर शत-प्रतिशत ब्याज की छूट है। 10 लाख से एक करोड़ रुपये तक का मूल बकाया जमा करने पर ब्याज में 90 फीसदी की छूट है। एक से 5 करोड़ रुपये तक का मूल बकाया पैसा जमा करने पर ब्याज में 50 फीसदी छूट का प्रावधान है।
उधर, वाणिज्य कर विभाग में दस अमीन हैं लेकिन सभी को कोरोना ड्यूटी पर लगा दिया गया। इस कारण व्यापारियों से वसूली न के बराबर हुई। अब कोरोना के केस कम होने के बाद योजना ने रफ्तार पकड़ ली है।
अब तक 116 व्यापारियों ने योजना का लाभ लिया है। अधिवक्ताओं और व्यापार मंडल के पदाधिकारियों से सहयोग मांगा है। वह सहयोग कर भी रहे हैं। - बीपी मिश्रा, एडिशनल कमिश्नर ग्रेड वन