दिवाली मनाने के बाद दूसरे शहरों में काम करने वाले कई लोगों के लौटने की राह मुश्किल हो गई है। जो लोग समय पर टिकट नहीं बनवा पाए, वो शनिवार को तत्काल में आरक्षण कराने के लिए मशक्कत करते रहे। पुणे जाने वाली ट्रेनों में तो एक मिनट से कम समय में ही तत्काल की सीटें भर गईं। आरक्षण कार्यालय में तत्काल में टिकट बनवाने के लिए लंबी कतार लगी रही।
शहर क्षेत्र में रहने वाले अनिल सोनी के बेटे अभिषेक को सिकंदराबाद जाना था। अनिल तत्काल टिकट बनवाने के लिए सुबह चार बजे आरक्षण कार्यालय पहुंचकर कतार में लग गए। कतार में उनका सातवां नंबर था।
सुबह 9.30 बजे तत्काल टोकन बंटने के ठीक पहले महिलाओं ने भी अपनी एक अलग लाइन लगा ली। टोकन बंटने पर उनको एक नंबर खिड़की पर छह नंबर टोकन दिया गया। मगर, उनकी बारी आते-आते राजधानी एक्सप्रेस में बर्थ खत्म हो गई। इससे उनका टिकट नहीं बन सका।
इसी तरह शनिवार को तत्काल में टिकट लेने के लिए आरक्षण कार्यालय में मारामारी मची रही। लोगों ने सुबह साढ़े तीन बजे से ही आरक्षण कार्यालय पहुंचना शुरू कर दिया। सुबह साढ़े नौ बजे एसी कोचों के लिए टोकन बंटने से पहले कतार में लोगों के बीच कई बार धक्कामुक्की हुई। पुणे, बंगलूरू, लखनऊ की तरफ जाने वाली ट्रेनों में एक मिनट से भी कम समय में सीटें भर गईं।
झांसी से होकर पुणे के लिए गोरखपुर पुणे एक्सप्रेस, यशवंतपुर संपर्क क्रांति, गोवा एक्सप्रेस और झेलम एक्सप्रेस जाती हैं। जिन लोगों को एक से पांच नंबर तक टोकन नंबर मिल गए, उनके ही टिकट बन सके। बाकी ने या तो वेटिंग का टिकट ले लिया या दूसरे दिन टिकट बनने की उम्मीद लेकर वापस लौट गए।
ठसाठस भरकर चल रहे जनरल कोच
ट्रेनों के जनरल कोचों का भी बुरा हाल है। पटना, गोरखपुर, पुणे, बंगलूरू, मुंबई, नागपुर, दिल्ली, लखनऊ, इलाहाबाद की तरफ जाने वाली सभी ट्रेनों के जनरल कोचों में यात्री ठसाठस भरकर जा रहे हैं। यात्रियों की संख्या अधिक होने के कारण शौचालय में बैठकर और दरवाजे पर लटककर यात्रा करनी पड़ रही है। झांसी स्टेशन से जहां आम दिनों में औसत 20 हजार जनरल टिकट बिकते हैं, शनिवार को यह संख्या 25 हजार तक पहुंच गई।
पुणे-लखनऊ एक्सप्रेस 13 घंटे लेट
पुणे से लखनऊ जाने वाली 12103 पुणे-लखनऊ एक्सप्रेस झांसी सुबह 11 बजे आती है लेकिन शनिवार को यह ट्रेन 13 घंटे देरी से चल रही थी। इससे यात्रियों को पूरा दिन ट्रेन में ही काटना पड़ा। इससे ट्रेन में सवार अधिकांश यात्रियों का शेड्यूल भी बिगड़ गया, जिससे वह परेशान रहे।
छपरा मेल पर धक्कामुक्की
ग्वालियर से बरौनी जाने वाली छपरा मेल दोपहर दो बजे प्लेटफार्म एक पर आई। इंजन से तीसरी जनरल बोगी में यात्री उतर और चढ़ रहे थे, तभी कुछ यात्रियों में धक्कामुक्की होने पर विवाद हो गया। दोनों पक्षों में मारपीट होने लगी। हालांकि, कुछ देर में ही मामला शांत हो गया।