छुट्टा जानवरों के लिए 30 आश्रय स्थल और बनेंगे
- सभी ब्लाकों में पांच-पांच स्थानों का होगा चयन
- पुराने स्थानों पर लहलहाने लगी घास, बनेंगे शेड
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। छुट्टा जानवरों पर लगाम कसने के लिए 30 और आश्रय स्थल बनाए जाएंगे। यहां रहने वाले पशुओं के लिए चारा का इंतजाम करने के लिए घास लगाई गई है। यहां पर शेड भी बनाए जाएंगे। जिले के सभी छह ब्लाकों के खंड विकास अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वह ब्लाक में कम से कम ऐसे पांच स्थानों का चयन करें, जहां छुट्टा जानवर रखे जा सकें।
बुंदेलखंड में छुट्टा घूमने वाले जानवर समस्या बन गए हैं। किसान खड़ी फसल को सुरक्षित बचाने के लिए जानवरों की दिन-रात रखवाली करते हैं बावजूद इसके जानवर खेतों में घुस जाते हैं और किसान की मेहनत का चट कर जाते हैं। समस्या का स्थायी समाधान करने के लिए शासन ने गौ सेवा आयोग का गठन किया है। आयोग ने सुझाव दिया था कि छुट्टा जानवरों को घेरकर आश्रय स्थल में रखा जाए, जिससे वह इधर-उधर न घूमें। पहले चरण में पांच स्थानों पर आश्रय स्थल बनाए गए थे। इनमें बबीना ब्लाक में पलींदा में बन रहे आश्रय स्थल में 70 से 100 गायों को रोका जाएगा। इसके अलावा बड़ागांव ब्लाक के बचावली बुजुर्ग, चिरगांव ब्लाक के इटवां, मोंठ ब्लाक के कुम्हरार और बामौर ब्लाक के पुंडरी में आश्रय स्थल बनाए जा रहे हैं।
पिछले दिनों जिला गोशाला समिति की बैठक में जिलाधिकारी शिवसहाय अवस्थी ने सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि कम से कम पांच - पांच आश्रय स्थल बनाने के लिए जगह चिह्नित कर रिपोर्ट दें, ताकि छुट्टा जानवरों के लिए आश्रय स्थल बनाए जा सकें। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. वाईएस तोमर ने बताया कि पांच-पांच आश्रय स्थलों की जगह चिह्नित हो जाने के बाद छुट्टा जानवरों का घूमना काफी हद तक कम हो जाएगा।