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जीआईसी का नाला-Dehat

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बिल्डिंग ‘हेरीटेज लुक’, मैदान गंदगी से बुक
सब हेड: सफाई नहीं होने से चोक हुआ जीआईसी का नाला
क्रासर
जलभराव के कारण यहां खेल नहीं पा रहे बच्चे
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
नाला चोक होने से इसका गंदा पानी बारिश की धार के साथ राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान में भर गया है। एक शताब्दी से ज्यादा पुरानी जीआईसी की बिल्डिंग को ‘हेरीटेज लुक’ देने के लिए सरकार 13 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है, लेकिन नाले की सफाई में लापरवाही कॉलेज को खूबसूरत बनाने के प्रयास पर भारी पड़ गई। स्थिति यह है कि जिस मैदान पर बच्चे खेला करते थे, उसमें गंदा पानी भरा है और अब भैंसें वहां जलक्रीड़ा कर रही हैं।
जीआईसी मैदान के बगल से नाला निकला है। सीपरी बाजार, मिशन कंपाउंड से होता हुआ यह नाला पठौरिया के नाले से जुड़ता है। इस नाले की एक साल पहले सफाई हुई थी। अब यह कई जगह गंदगी के कारण चोक हो गया है। नाले की ऊपरी दीवार ऊंची होेने और उसमें कई जगह छेद होने के कारण इसका पानी तो मैदान में आ रहा है, लेकिन यहां भरे बरसाती पानी की निकास नहीं हो पा रही है। जीआईसी के शिक्षकों ने बताया कि नाले का गंदा पानी हॉस्टल के पीछे भी आता है। कई बार जहरीले कीड़े भी आ जाते है।
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प्रधानाचार्य पीके मौर्य ने बताया कि यह समस्या पिछले कई दिनों से है और नगर निगम को इसकी जानकारी दे दी गई है। अब तक नाले की सफाई नहीं कराई गई है। मैदान से जलभराव और गंदगी के कारण बीमारियां फैलने का खतरा है।
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जहरीले कीड़े आ रहे
मैदान के एक बडे़ हिस्से में जलभराव है। इससे जहरीले कीड़े भी आ रहे है। हम सभी लोगों को रोज स्कूल आना पड़ता है। आने-जाने में भी परेशानी होती है।
मानवेंद्र सिंह, छात्र

बहुत बदबू आती है
गंदगी के कारण बहुत बदबू आती है। जलभराव और सफाई के अभाव के चलते अधिकांश छात्र खेलने भी मैदान में नहीं जाते है। विद्यार्थियों के स्वास्थ्य हित में नाले की सफाई कराई जाए।
अश्विनी कुशवाहा, छात्र
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