फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

औषधीय एवं सगंध पौधों के अवशेष से बनेगी अगरबती

विज्ञापन
विज्ञापन
औषधीय एवं सगंध पौधों के अवशेष से बनेगी अगरबत्ती
विज्ञापन

झांसी। भारत सरकार के बॉयोटेक्नोलॉजी विभाग ने बुंदेलखंड में औषधीय एवं सगंध पौधों के उत्पादन से संबंधित परियोजना बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के बायोमेडिकल विभाग के लिए स्वीकृत की है। परियोजना के अंतर्गत लेमनग्रास, रोजाग्रास, तुलसी एवं खस इत्यादि पौधों की खेती की जाएगी। इन पौधों से निकलने वाले तेल को बेचा जाएगा, जिससे किसान की आय बढ़ेगी तथा परियोजना बुंदेलखंड के विकास में लाभदायक साबित होगी।
किसानों की आय में और वृद्धि करने के लिए लेमनग्रास, रोजाग्रास, तुलसी खस इत्यादि पौधों से तेल निकालने के बाद अवशेष सामग्री से अगरबत्ती, धूपबत्ती बनाने के कार्य को भी परियोजना में शामिल किया गया है। अवशेष सामग्री से धूपबत्ती, अगरबत्ती बनाने की तकनीक विकसित करने के लिए भारत सरकार के खुशबू और स्वाद विकास केंद्र (एफएफडीसी) कन्नौज को परियोजना में सम्मिलित किया गया है। खुशबू और स्वाद विकास केंद्र कन्नौज के वैज्ञानिक बीयू के साथ मिलकर उगाए गए औषधीय एवं सगंध पौधों से गुणवत्तापरक अगरबत्ती व धूपबत्ती तैयार करेंगे। तैयार धूपबत्ती व अगरबत्ती को इंडस्ट्रीज लिंकेज के साथ बेचा जाएगा, जिससे किसानों की आय में वृद्धि होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

धूपबत्ती व अगरबत्ती बनाने के लिए 26 मार्च से 29 मार्च तक एक कार्यशाला का आयोजन बीयू में होगा। इसमें खुशबू और स्वाद विकास केंद्र कन्नौज के वैज्ञानिक द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम में लघु एवं सीमांत किसान अथवा भूमिहीन मजदूर भाग ले सकते हैं। यह कार्यक्रम भूमिहीनों विशेषकर महिलाओं के लिए बहुत उपयोगी होगा। इसमें वे इस कार्य को कुटीर उद्योग के रूप में विकसित कर सकेंगे। यह परियोजना लघु एवं सीमांत किसानों एवं भूमिहीनों के लिए वरदान साबित होगी। कार्यशाला में भाग लेने के लिए पंजीकरण नि:शुल्क है। इच्छुक व्यक्ति परियोजना प्रबंधक डॉ. रामवीर सिंह से 9473583251 पर संपर्क कर सकते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें