जलभराव से जूझते रहे, घरों में घुसा पानी
झांसी। कभी रिझझिम, कभी तेज रफ्तार पानी बरसने से शहरवासी दिन भर जलभराव से जूझते रहे। ऐसा कोई इलाका नहीं था, जहां पानी न भरा हो। परकोटा के अंदर पुराने शहर में पंचकुइयां से लेकर परकोटा के बाहर नए शहर में भट्टागांव, केकेपुरी कॉलोनी समेत सीपरी बाजार, मेंहदी बाग, पठौरिया और नरिया बाजार में लोगों के घरों में पानी घुस गया। बड़ा बाजार में सैय्यद बाबा वाली गली में पुराने मकान की दीवार भरभरा कर गिर गई। रानीमहल से सुभाषगंज जाने वाले मार्ग पर नाले की पुलिया धंस गई। स्कूल आने-जाने वाले बच्चे ऑटो में भीग गए।
बुधवार की आधी रात से पानी बरसने का सिलसिला शुरू हुआ, जो बृहस्पतिवार को दिन में साढ़े तीन बजे तक जारी रहा। कभी तेज बरसात हुई तो कभी रिमझिम फुहारें पड़ीं। लेकिन, जैसे ही पानी तेज रफ्तार पकड़ता, गलियों में जलभराव हो जाता। स्थिति यह बनी कि नालियां चोक हो जाने से अलग- अलग मोहल्लों में पानी भर गया। दतिया गेट स्थित पठौरिया मोहल्ले में जलभराव इतना अधिक हो गया कि बिजली की सप्लाई बंद करनी पड़ी। सड़कों पर कमर तक पानी भर गया, निचले स्तर पर बने मकानों में पानी भर गया, यह स्थिति दिन भर बनी रही। इतना ही नहीं, नरिया बाजार में भी कमर तक पानी भर गया। इस कारण सब्जी बेचने वाले दुकानदारों ने अपनी दुकानें समेट लीं। किराना की दुकानें, मिठाई और कपड़ों का कारोबार भी बंद करना पड़ा। ग्वालियर रोड स्थित बंसल कालोनी में जलभराव हो गया, जबकि यह कालोनी जेडीए से सबसे पहले स्वीकृत हुई थी।
महानगर के प्रमुख किराना बाजार सुभाषगंज में पुलिया धंसक गई, जिससे आवागमन ठप हो गया। रानी महल से सुभाषगंज की ओर जाने वाले मार्ग में बने पेशाबघर के पीछे से निकला नाला ओवरफ्लो गया, इस कारण झला झलेश्वर मंदिर परिसर में पानी भर गया। दुकानदार किसी तरह पानी बंद होने का इंतजार करते रहे। छनियापुरा नाला और कसाई मंडी का नाला ओवरफ्लो होने के कारण कई घरों में पानी घुस गया। उधर, मंडी रोड से निकले तालपुरा का नाला ओवरफ्लो होने के कारण सड़क पर पानी भर गया। इससे आने जाने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दतिया गेट बाहर सलीम का बाग में कई मकानों में पानी भर गया।
उधर, आंतियाताल के पास कुंजविहारी कॉलोनी में भी पानी भर गया। इसके अलावा बीएसएनएल कार्यालय के सामने मेन रोड और गलियों में पानी भर गया। बस स्टैंड के पास मुर्गा- मछली मार्केट और शिवाजी नगर में भी जलभराव हो गया। जीवनशाह से शहर की ओर जाने वाले मार्ग, मिनर्वा चौराहा से सैंयर गेट मार्ग और गोविंद चौराहा मार्ग पर भी जलभराव हो गया।
मेंहदी बाग मोहल्ला में जलभराव होने से घरों में पानी भर गया। उधर, सीपरी बाजार के कच्चा पुल पर पानी भर जाने से वाहनों का निकलना बंद हो गया। इससे लंबी कतारें लग गईं। ट्रैफिक पुलिस को स्थिति संभालनी पड़ी। वार्ड भट्टागांव के खिरकपट्टी में नाले का पानी ओवरफ्लो हो जाने से मेन रोड पर बहने लगा, जिससे सड़क डूब गई। दोपहर बाद तक लगातार पानी गिरने के कारण घरों में पानी घुस गया। नंदनपुरा अंडरब्रिज में भी पानी भर जाने से निकालने वालों को असुविधा हुई।
नाले में गिरते बचा बच्चा
खुशीपुरा में मोहन हलवाई के पास जलभराव हो जाने के कारण स्कूल से बच्चों को लेकर आया ऑटो फंस गया, इस कारण बच्चों को पानी में ही उतार दिया गया और बच्चे कमर से अधिक पानी में भीगते हुए घर पहुंचे। एक बच्चा गड्ढे में असंतुलित होकर नाले के किनारे फंस गया। आसपास पानी बंद होने का इंतजार कर रहे लोगों ने दौड़कर बच्चे को पकड़ा, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
जलभराव के बीच करना पड़ा अभिषेक
पानी वाली धर्मशाला के किनारे बने भगवान शिव के मंदिर में पानी भर जाने के कारण श्रद्धालुओं को जलभराव में ही भगवान का अभिषेक करना पड़ा। अन्नपूर्णा मंदिर में भी पानी भर गया। सीपरी बाजार में हाइवे होटल के पीछे खाती बाबा मंदिर के पास से निकले नाले के ओवरफ्लो हो जाने के कारण पेंच मोहल्ला में पानी भर गया।
घनघनाते रहे फोन
जलभराव होने से लोगों को समस्या का सामना करना पड़ा। मदद के लिए नगर निगम में दिन भर फोन घनघनाते रहे। जहां से जलभराव की सूचना आती, वहां सफाई कर्मचारियों की टोली पहुंचाई जाती, जो नालियों में फंसी पन्नी या कचरा साफ करती और पानी की निकासी सुचारू कराती, लेकिन बरसात बंद नहीं होने के कारण स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।