दवाएं और उपकरण खरीदने की व्यवस्था बदलेगी
इसके लिए गठित होगा मेडिकल सप्लाई कार्पोरेशन
- अस्पतालों को मांग पर उपलब्ध कराएगा सामान
- इसके लिए फिलहाल 20 करोड़ रुपये बजट तय
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। प्रदेश में औषधियों, उपकरणों और स्वास्थ्य संबंधी अन्य सामान खरीदने के लिए उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कार्पोरेशन (यूपीएमएससी) का गठन किया जा रहा है। यूपीएमएससी प्रदेश सरकार द्वारा वित्त पोषित होगा। 20 करोड़ रुपये के बजट से इसकी शुरूआत होगी। यूपीएमएससी अस्पतालों को खुद ही दवाएं, उपकरण उपलब्ध कराएगा।
अब तक केंद्रीय औषधि भंडार विभिन्न कंपनियों से औषधियों, उपकरणों का रेट कांट्रेक्ट करता है। जिला स्तर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक द्वारा औषधियों, उपकरणों की खरीद के संबंधित कंपनियों को आदेश दिया जाता है। कई बार कंपनियां भुगतान लंबित होनी या अन्य कारणों से औषधियां, उपकरण नहीं भेजती हैं। इससे मरीजों को समय से स्वास्थ्य लाभ नहीं मिल पाता है। इन सबको मद्देनजर रखते हुए प्रदेश सरकार अब यूपीएमएससी का गठन करने जा रहा है। जिला कार्यक्रम प्रबंधक ऋषिराज सिंह ने बताया कि अब यूपीएसएमसी खुद ही कंपनियों से औषधि, उपकरण आदि खरीदेगा। इसके बाद जिला स्तर पर मांग के अनुसार दवाएं, उपकरण दिए जाएंगे। इस योजना से समय पर अस्पताल की मांग पूरी होंगी। मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
यह है उद्देश्य
- प्रदेश में चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग और अन्य विभागों के लिए औषधियों, उपकरणों की खरीद करना।
- पीपीपी मॉडल पर चिकित्सीय सेवाओं का अनुबंध कराना और एंबुलेंस समेत जन स्वास्थ्य सेवाओं का क्रय करना।
- औषधियों के भंडारण व वितरण व्यवस्था को तय करने के लिए औषधि भंडारण केंद्रों की स्थापना करना।
- सूचना प्रौद्योगिकी प्रणाली के जरिए पारदर्शी वितरण प्रणाली लागू करना।
- निगम का मुख्यालय लखनऊ में होगा। निगम की स्थापना के साथ ही चिकित्सा एवं स्वास्थ्य निदेशालय में स्थापित केंद्रीय औषधि भंडार को समाप्त किया जाएगा।
ये है बजट की व्यवस्था
औषधि एवं उपभोग्य वस्तुओं के लिए शासन स्तर से निर्धारित बजट का 80 प्रतिशत निगम को और जिलों से 20 प्रतिशत स्थानीय खरीद के लिए जारी किया जाएगा। जिला स्तर पर विभाग द्वारा निर्धारित अधिकारी पांच लाख रुपये तक के उपकरण विशेष परिस्थितियों में जिला स्वास्थ्य समिति की निधियों से खरीदे जा सकेंगे।