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मरीजों को झटका, अब नहीं हो सकेंगी आधुनिक जांचें

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मरीजों को झटका, अब नहीं हो सकेंगी आधुनिक जांचें
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झांसी। जिला अस्पताल प्रशासन की उदासीनता से चंदन लैब एक अप्रैल से बंद हो गई है। इससे अस्पताल आने वाले मरीजों के सामने आधुनिक समेत कई प्रकार की जांचों का संकट उत्पन्न हो गया है। अब कई महंगी और आधुनिक जांच कराने के लिए मरीजों को निजी केंद्रों का रुख करना पड़ेगा। इसके एवज में उनकी जेब भी ढीली होगी।
जिला अस्पताल में पिछले साल चंदन लैब को जांच का ठेका मिला था। बीते 31 मार्च तक चंदन लैब ने अस्पताल में मरीजों की जांच की। इस दौरान लैब में सस्ती से महंगी 150 प्रकार की जांचों की सुविधा उपलब्ध रही। लैब से खासकर आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को काफी राहत मिली। शासन स्तर से इस लैब के ठेके का हर साल नवीनीकरण होता रहता है। बीते रविवार तक लैब का ठेका था। इस संबंध में अस्पताल प्रशासन ने कोई गौर नहीं किया। लैब को दोबारा ठेका देने के संबंध में शासन से कोई पत्र व्यवहार नहीं किया। इसके चलते 31 मार्च तक शासन स्तर से कोई आदेश न आने पर चंदन लैब पूरी तरह से बंद हो गई। चंदन लैब में कई आधुनिक जांचों की भी सुविधा उपलब्ध थी जैसे जीन एक्सपर्ट, डीएनए फिंगर प्रिंट आदि। वहीं, अस्पताल की पैथोलॉजी में सामान्य जांचें ही होती हैं। ऐसे में मरीजों को कई आधुनिक जांचों के लिए निजी केंद्रों की तरफ रुख करना पड़ेगा। इन जांचों को कराने में जेब भी ढीली होगी।
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केमिकल खरीद के लिए दिए आदेश
चंदन लैब बंद हो जाने की वजह से अब पूरा भार अस्पताल की पैथोलॉजी लैब के ऊपर आ गया है। ऐसे में अस्पताल प्रशासन ने केमिकल खरीद के आदेश दे दिए हैं। चूंकि, बजट की मांग करने के बाद जारी होने में एक सप्ताह या उससे अधिक समय लग सकता है, ऐसे में अस्पताल प्रशासन ऑफलाइन केमिकल खरीदेगा।

कम से कम दो माह झेलनी होगी परेशानी
जब तक आचार संहिता खत्म नहीं हो जाती तब तक लैब को दुबारा शुरू करने का आदेश नहीं मिल सकता। ऐसे में दो महीने तक मरीजों को जांच के लिए परेशान होना पड़ेगा।

एनालाइजर मशीन सुधरी
जिला अस्पताल में खराब पड़ी एनालाइजर मशीन सुधार ली गई है। एनालाइजर मशीन से लिवर फंक्शन टेस्ट (एलएफटी), किडनी फंक्शन टेस्ट (केएफटी), ब्लड यूरिया, ब्लड शुगर, लिपिड प्रोफाइल आदि जांचें होती हैं। अस्पताल आने वाले ज्यादातर मरीजों की जांच के लिए यह मशीन बहुत आवश्यक है। अस्पताल की पैथोलॉजी में आउटसोर्सिंग के जरिए इस मशीन से जांच की सुविधा उपलब्ध है। मशीन खराब हो जाने से जांच रुक गई। सोमवार को इसे सुधार लिया गया।
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अधिकतर जांचों की सुविधा अस्पताल की पैथोलॉजी में उपलब्ध है। सिर्फ वो आधुनिक जांचें अब अस्पताल में नहीं हो सकेंगी, जो चंदन लैब हो जाती थीं। वहीं, केमिकल की ऑफलाइन खरीद करने के भी निर्देश दे दिए गए हैं। आचार संहिता खत्म हो जाने के बाद शासन स्तर से दोबारा लैब के लिए टेंडर होंगे। - डॉ. बीके गुप्ता, सीएमएस, जिला अस्पताल।
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