अपराजिता का पोस्टर लांच करती केन्द्रीय मंत्री उमा भारती
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झांसी। केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने कहा कि झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के बलिदान से ही आजादी के आंदोलन में ऊर्जा आई और वही ऊर्जा आज तक कायम है। सन् 1947 में हम विदेशी गुलामी से मुक्त हुए थे, लेकिन अभी हम विदेशी सोच से पूरी तरह से मुक्त नहीं हुए हैं। इसलिए रानी झांसी की तरह पीएम मोदी को भी लड़ाई लड़नी पड़ेगी। रविवार को कार्यकर्ताओं के साथ खिलौना सिनेमाघर में ‘मणिकर्णिका: द क्वीन ऑफ झांसी’ फिल्म देखने के बाद उन्होंने यह बात पत्रकारों से बातचीत में कही।
उन्होंने कहा कि पिछले लोकसभा चुनाव में लोगों ने नारा लगाया था कि मोदी काशी से और उमा भारती झांसी से। काशी के नेतृत्व में इस बार भी झांसी की लड़ाई चलेगी। झांसी से दोबारा लोकसभा चुनाव लड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मणिकर्णिका फिल्म देखकर समझ गए होंगे कि व्यक्ति का महत्व नहीं विचार का महत्व होता है। जिसमें देश और बुंदेलखंड का भला हो वही करना है। चुनाव लड़ना या न लड़ना यह महत्व नहीं रखता है। फिल्म देखने से पूर्व उन्होंने रानी लक्ष्मीबाई के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और कहा कि झांसी रानी आज भी हम सबके बीच जिंदा हैं। इसलिए उनको कभी श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि हमेशा पुष्पांजलि अर्पित करनी चाहिए।
इस मौके पर विधायक राजीव सिंह पारीछा, जवाहर लाल राजपूत, बिहारी लाल आर्य, जगदीश सिंह लोधी, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष संजीव श्रृंगीऋषि, प्रमोद कुमारी राजपूत, रोबिन साहू, रोहित गोठनकर, सुधांशु साहू, जगत राजपूत, मनमोहन सिंह मौजूद रहे।