फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चलने में असमर्थ मुंशी को मिला ‘आयुष्मान’ का ‘वरदान’

विज्ञापन
आयुष्मान भारत योजना
विज्ञापन
झांसी। चलने-फिरने में असमर्थ शहर के मुंशी (50) को आयुष्मान भारत योजना की वजह से फिर से पैरों पर खड़ा होने का मौका मिला है। आर्थिक रूप से कमजोर मुंशी का एक कूल्हा गल गया था, जिसकी वजह से वह खड़े नहीं हो पा रहे थे। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में नि:शुल्क ऑपरेशन के बाद उनका कूल्हा बदला गया।
विज्ञापन


मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत योजना को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना भी कहा जाता है। इस योजना से अब धरातल पर लाभ मिलना शुरू हो गया है। योजना के तहत गरीब, उपेक्षित परिवार और शहरी गरीब लोगों के परिवारों को पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराया जा रहा है। ये योजना शहर के मुंशी (50) के लिए तो वरदान साबित हुई है। एक कूल्हा गल जाने की वजह से मुंशी चलने-फिरने को मोहताज हो गए थे। निजी अस्पताल में कूल्हा बदलने के ढाई लाख तो मेडिकल कॉलेज में 60-70 हजार रुपये खर्च आता है।

आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने की वजह से मुंशी कूल्हा बदलवाने में असमर्थ थे। ऐसे में उन्होंने आयुष्मान भारत योजना का कार्ड बनवाया। इस कार्ड को लेकर जब वह महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज पहुंचे तो उन्हें डॉक्टरों ने भर्ती कर लिया। इसके बाद हड्डी रोग विभागाध्यक्ष डॉ. पारस गुप्ता, डॉ. अमित सहगल, डॉ. प्रवीण सरावगी ने ऑपरेशन कर उनका नया कूल्हा लगाया। ऑपरेशन का मुंशी को एक भी रुपये नहीं देना पड़ा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुशील प्रकाश भी मुंशी को देखने के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचे।
विज्ञापन


आयुष्मान भारत योजना आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए वरदान साबित हो रही है। इसका प्रमुख उदाहरण मुंशी (50) हैं। पहले जहां वह खड़े भी नहीं हो पा रहे थे, अब दर्दरहित चल-फिर रहे हैं। - डॉ. सुशील प्रकाश, सीएमओ।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें