केंद्र और प्रदेश सरकार हर घर स्वच्छ जल पहुंचाने के लिए तमाम कवायदें कर रही हैं, लेकिन झांसी के लोग नाले का गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। महानगर के सीपरी बाजार के कालीबाड़ी मंदिर के पास गुजर रहे नाले के नीचे पानी की पाइपलाइन टूटने से घरों में नाले का गंदा पानी पहुंचा। पानी में गंदगी और बदबू के चलते करीब 10 हजार लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मामले में स्थानीय पार्षद ने अधिकारियों से शिकायत की है।
महानगर के सीपरी बाजार कालीबाड़ी मंदिर के पास से गुजर रहे नाले के नीचे से गुजर रही पाइपलाइन बृहस्पतिवार को टूट गई। इसके चलते नाले का पानी पाइपलाइन के जरिए घरों में पहुंचा। पानी में गंदगी और बदबू को लेकर लोगों ने आक्रोश जताया। बताया जाता है कि नाले के अंदर से गुजर रही पाइपलाइन को पुलिया के ऊपर करने के लिए कई बार प्रयास किए गए, लेकिन आज तक इसे ठीक नहीं किया जा सका।
साल 2019 में जलसंस्थान ने पाइपलाइन को बदलने के लिए टेंडर प्रक्रिया की थी, मगर आज तक काम नहीं हो सका। आए दिन पाइपलाइन टूटने से लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ता है। साथ ही, हजारों गैलन पानी बर्बाद होता है। गंदे पानी के चलते लोग बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। जबकि जल संस्थान के अधिकारियों को परेशानी नजर नहीं आ रही है।
अफसरों को पता नहीं कब डलेगी लाइन
महानगर में सीपरी बाजार का प्रेमगंज क्षेत्र पेयजल समस्या से सबसे ज्यादा जूझता है। यहां आए दिन पानी को लेकर लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ता है। पिछले दिनों क्षेत्र के पार्षद ने जल निगम के अफसरों को फोन कर पूछा कि अमृत योजना की पाइपलाइन अब तक नहीं डाली गई है, कब से काम शुरू होगा? तो अफसरों ने कोई जवाब नहीं दिया। पार्षद ने कहा कि पूरे शहर में खोदाई चल रही है, यहां पर आज तक पाइपलाइन नहीं डाली गई।
पाइपलाइन टूटने से आए दिन दिक्कत होती है। नाले का गंदा और काला पानी आता है। बदबू भी उठती है।
- सुषमा
जलसंस्थान आज तक पाइपलाइन को ठीक नहीं करा सका। नाले में गुजर रही पाइपलाइन आफत बढ़ा रही है।-
राजेंद्र खन्ना
पाइपलाइन टूटने से गंदा पानी आता है। कई बार जल संस्थान को कह चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं है।-
संजय
नाले के नीचे से गुजर रही लाइन टूटने से घरों में गंदा पानी पहुंचा। इसके चलते दिक्कत हुई। आए दिन पाइपलाइन टूट जाती है, लेकिन अफसर इसे ठीक नहीं कराते हैं। अमृत योजना के तहत पाइपलाइन डालने का काम अब तक शुरू नहीं हुआ है। अफसरों से पूछा, तो कोई जवाब नहीं दे रहे हैं।
उमेश जोशी, पार्षद प्रेमगंज