विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर चार युवक ठगी के शिकार हुए हैं। विदेश में ढाई महीने भूखे भटकने के बाद परिवार द्वारा आर्थिक मदद लेकर पांच जून को वापस घर लौटे। अब एजेंट द्वारा लिए गए रुपये वापस पाने के लिए युवकों ने मछलीशहर कोतवाली में तहरीर दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। विदेश से वापस लौट कर आए सिकरारा थाना क्षेत्र के गोनापार निवासी शहाबुद्दीन, बरसठी थाना क्षेत्र के आलमगंज निवासी शाह आलम, सलमान और अब्दुल कलाम ने बताया कि मछलीशहर नगर में विदेश में काम दिलाने के लिए कुछ लोगो द्वारा सर्विस सेंटर चलाया जाता है। उक्त सर्विस सेंटर संचालक फरवरी में उनके गांव में पहुंचा। उसने विदेश में नौकरी दिलाने के लिए एक लाख 20 हजार रुपये प्रत्येक व्यक्ति से लिया है। आठ मार्च 2024 को उक्त स्थान पर भेज दिया। वहां जाने पर एजेंट द्वारा दिया गया ड्राइविंग लाइसेंस फर्जी निकला। वहां नौकरी नहीं मिली, तो लोग दर-दर भटकने लगे। विदेश से उन्हें भाग जाने को कहा गया। अंत में किसी तरह से घर सूचना दी और 30-30 हजार रुपये मंगवाकर पांच जून को घर वापस आ गए। मंगलवार को कोतवाली पुलिस को तहरीर दी, तो ड्यूटी पर तैनात सब इंस्पेक्टर अखिलेश यादव ने पुलिस को सर्विस सेंटर पर भेजा मगर वह बंद मिला। मामले में प्रभारी निरीक्षक सत्य प्रकाश सिंह का कहना है कि प्रकरण उनके संज्ञान में नहीं है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
अभी भी फंसे है 40 लोग
विदेश से वापस लौट कर आए शहाबुद्दीन और उनके साथी बताते हैं कि उनके साथ ही अपने जिले के तथा अन्य जिलों से एजेंटों द्वारा भेजे गए 40 लोग अभी भी फंसे हुए हैं। उनके पास न तो खाने पीने की व्यवस्था है और न तो वापस लौटने के लिए रुपया है। ऐसे में वहा फंसे लोग दर दर भटकने को मजबूर हैं।कही से किसी तरह की कोई मदद नहीं मिल रही हैं।
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