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साइकल की सवारी कर सकते हैं उमाकांत

Wed, 07 Oct 2015 12:58 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जौनपुर
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प्रदेश के कैबिनेट मंत्री पारसनाथ यादव और पूर्व सांसद उमाकांत का मिलन जिले की राजनीति में नया गुल खिला सकता है। सूत्रों पर भरोसा करें तो सपा मुखिया से हरी झंडी मिलने के बाद दोनों की बंद कमरे में घंटों गुफ्तगू हुई। इसमें दोनों ने अपने सारे गिले शिकवे दूर कर लिए। कहा तो यहां तक जा रहा है कि गुरुवार से उमाकांत अपनी फौज के साथ जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ रहे कैबिनेट मंत्री के पुत्र और पुत्रवधू के पक्ष में प्रचार भी शुरू कर सकते हैं। वैसे इसकी औपचारिक पुष्टि करने से दोनों नेताओं ने परहेज किया है। लेकिन सियासी हलके में इसकी चर्चा शुरू हो गई है।
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पूर्व सांसद उमाकांत के भाई रमाकांत यादव भाजपा प्रत्याशी के रूप में मुलायम सिंह यादव के खिलाफ जहां आजमगढ़ से चुनाव लड़ चुके हैं वहीं  उमाकांत के बेटे दिनेशकांत यादव कैबिनेट मंत्री पारसनाथ के सामने सदर लोकसभा सीट से निर्दल चुनाव लड़ चुके हैं। शाहगंज विधायक शैलेंद्र यादव  ललई और उमाकांत की राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता का हाल यह है कि उमाकांत, उनके पुत्र दिनेशकांत सहित अन्य पर शाहगंज कोतवाली में गंभीर धाराओं में केस दर्ज हुआ तो पूर्व सांसद कैंप की विधायक ललई यादव से दूरी और बढ़ गई।

सपा के आला नेताओं की माने तो सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव और पूर्व सांसद उमाकांत के बीच कई बार सपा में शामिल होने को लेकर मुलाकात हो चुकी है। सपा मुखिया ने हरी झंडी भी दे दी है। सूत्रों का कहना है कि नवरात्र में कभी भी उमाकांत औपचारिक रूप से पार्टी में शामिल हो सकते हैं। पूर्व सांसद के पार्टी में शामिल होने से जिले में सपा की ताकत जहां बढ़ेगी वहीं गुटबाजी से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
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इस संबंध में पूछे जाने पर पूर्व सांसद उमाकांत के पुत्र दिनेशकांत यादव ने कहा कि समय के साथ सब कुछ सामने आ जाएगा। अभी वह इस मामले में कुछ भी नहीं कह सकते।
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