सरकार की सद्बुद्धि के लिए हवन यज्ञ करते लेखपाल संघ के लोग।
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राजस्व संग्रह अमीनों और लेखपालों को मांगों को लेकर चलाया जा रहा आंदोलन मंगलवार को भी जारी रहा। राजस्व संग्रह अमीनों ने जहां दो दिनी कार्य बहिष्कार कर अपने हक की आवाज बुलंद की वहीं लेखपालों ने सरकार के लिए बुद्धि-शुद्धि यज्ञ किया। संगठनों ने कहा कि वह अपनी हक की आवाज को तब तक बुलंद करते रहेेंगे जब तक उसका समाधान नहीं कर दिया जाता।
राजस्व संग्रह अमीन संघ ने मंगलवार से दो दिवसीय कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। कलेक्ट्रेट में अमीन संघ ने बैठक किया जिसे संबोधित करते हुए दशरथ मौर्य ने कहा कि वेतन विसंगति, सामायिक सेवा, बाइक भत्ता, नायब तहसील व्यवस्था बहाल करने एवं वसूली निर्धारित किए जाने, अमीनों को द्वितीय प्रोन्नत तहसीलदार के पद का वेतनमान प्रदान करने आदि सात सूत्रीय मांगों को लेकर उनका कार्य बहिष्कार बुधवार को भी जारी रहेगा। इस मौके पर मधुकर द्विवेदी, शम्भुनाथ चौबे, आमोद दंत मिश्री, चंद्रशेखर, सीबी सिंह, विजय नारायण तिवारी, कुंज बिहारी, राजबहादुर, लक्ष्मण यादव आदि मौजूद रहे।
वहीं अपनी मांगों को लेकर मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में लेखपालों ने बुद्धि- शुद्धि यज्ञ धरनास्थल पर किया। और उत्पीड़नात्मक कार्रवाई पर रोक लगाने एवं लेखपाल संवर्ग की न्यायोचित मांगों को पूरा करने की मांग किया। लेखपाल संवर्ग, एसीपी विसंगति दूर करने, पदनाम राजस्व उपनिरीक्षक कर शैक्षिक योग्यता स्नातक करने, पांच लेखपालों पर एक राजस्व निरीक्षक एवं राजस्व परिषद के पत्र के क्रम में राजस्व निरीक्षक के पदों का सृजन करने, वर्ष 2005 के बाद नियुक्त लेखपालों की नई पेंशन योजना में सुधार कर आकस्मिक पेंशन की सुविधा प्रदान करने की मांग को लेकर विगत कई दिनों से धरनारत है। इसी कम में सोमवार की शाम लेखपालों ने कैंडिल मार्च निकाला। इस मौके पर धरने की अध्यक्षता लालचंद्र श्रीवास्तव एवं संचालन जिलामंत्री रामप्रताप सिंह ने किया।