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पुत्र की सलामती के लिए महिलाओं ने रखा निराजल व्रत

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हनुमान घाट पर जीवित्पुत्रिका पर्व की पूजा करती व्रती महिलाएं। - फोटो : JAUNPUR
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जौनपुर। जीवित्पुत्रिका का पर्व बृहस्पतिवार को धूमधाम से मनाया गया। पुत्र की लंबी आयु के लिए महिलाओं ने निराजल रहकर विधिविधान से पूजन किया। दोपहर बाद स्वच्छ वस्त्र धारण कर और हाथों में पूजा की थाल लेकर व्रती महिलाएं गाजे-बाजे के साथ मंदिरों, नदी और सरोवरों के किनारे पहुंचीं। हालांकि इस बार कोरोना के चलते नदी-तालाबों के किनारे भीड़ कम थी। ज्यादातर महिलाओं ने घरों में ही पूजा-अर्चना की।
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निर्जला व्रत रख कर महिलाएं सुबह से ही पूजा की तैयारी में लगी रहीं। दोपहर बाद पूजन सामग्री और गाजे-बाजे के साथ पूजा स्थल पहुंची। पूजा स्थल पर जीवि त्पुत्रिका माता के महात्म्य से जुड़ी कहानियां सुना और पुत्र के दीर्घायु की कामना की। मान्यता है कि व्रत को रखने से पुत्र पर आने वाले संकट टल जाते हैं। पूजा के लिए महिलाओं ने सेब, नारियल, केला, नाशपाती, अमरुद आदि की खरीदारी की। जगह-जगह जीवित्पुत्रिका पूजा के सामानों की बिक्री के लिए दुकानें सजी रहीं। पूजा को लेकर घर में भी खुशी का माहौल रहा। गोमती नदी के किनारे स्थित नव दुर्गा शिव मंदिर, गोपीघाट, हनुमान घाट, सूरज घाट के साथ शहर के पॉलीटेक्निक चौराहा, नईगंज तिराहा, बदलापुर पडाव, पंचहटियां समेत ग्रामीण इलाकों में जीवित्पुत्रिका व्रत को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला।
बाजार में खरीदारी को लेकर रही भीड़
जौनपुर। जीवित्पुत्रिका व्रत की पूजा को लेकर सुबह से बाजार में फल की दुकानें सज गई थीं। खरीददारी के लिए बाजार में खासी भीड़ रही। शहर के कोतवाली से लेकर सब्जी मंडी तक तो पैर रखने की जगह नहीं थी। सड़क के दोनों तरफ पटरी पर ठेलों पर फल की दुकानें सजी रहीं। दोपहर बाद तक बाजार में भीड़भाड़ का माहौल रहा। जाम के चलते लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। त्योहार के चलते फलों की खूब बिक्री हुई।
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