जौनपुर। जनपद की नौ सीटों में मडि़याहूं विधानसभा सीट ही ऐसी है, जो महिलाओं के लिए उपयुक्त मानी जाती रही है। ऐसा इसलिए की इस सीट पर आजादी के बाद से अब तक हुए कुल 18 चुनावों में 6 ऐसे मौके आए, जब महिला ही विधायक बनीं। इतना ही नहीं, साल 2004 से लेकर अब तक इस सीट पर महिलाओं का ही कब्जा है। वहीं चुनावी रिकार्ड देखें तो यहां कमल कभी नहीं खिला। हां पिछला चुनाव अपना दल एस ने भाजपा से गठबंधन कर जीता था।
चुनावी इतिहास की बात करें तो साल 1952 में सबसे पहले कांग्रेस ने कब्जा जमाया था। 1957 में हुए दूसरे चुनाव में तारा देवी ने यहां से जीत दर्ज की। वे जिले की पहली महिला विधायक बनी। यहां से कांग्रेस ने सबसे अधिक 6 बार वर्ष 1952, 1957, 1967, 1974, 1977 और आखिरी बार 1980 में चुनाव जीता था। वहीं, जनसंघ ने 1962 और 1969 में अपना परचम लहराया जबकि बसपा मात्र एक बार 1998 का उपचुनाव में जीत पाई है। समाजवादी पार्टी का इस सीट पर पांच बार 1993, 1996, 2002, 2004 व 2012 में कब्जा रहा। जबकि इस सीट पर भाजपा का कमल कभी नहीं खिला। हालांकि भाजपा ने 2017 के चुनाव में यह सीट अपना दल एस को दे दी, और अपना दल एस की डा. लीना तिवारी ने यह सीट भाजपा-अपना दल एस गठबंधन की झोली में डाल दी।
आजादी के बाद से अब तक हुए चुनाव के ये रहे विजेता
1952- द्धारिका मौर्य (कांग्रेस)
1957-तारा देवी (कांग्रेस)
1962-जगन्नाथ राव (जनसंघ)
1967-राज किशोर तिवारी (कांग्रेस)
1969-जगन्नाथ राव (जनसंघ)
1974-राज किशोर तिवारी (कांग्रेस)
1977-राज किशोर तिवारी (कांग्रेस)
1980-सूर्य नाथ उपाध्याय (कांग्रेस)
1985-दूथ नाथ सिंह (दमकिया)
1989-सावित्री पटेल (जद)
1991-किशोरी लाल यादव (जद)
1993-सावित्री पटेल (सपा)
1996-पारस नाथ यादव (सपा)
1998-(उप चुनाव)-बरखूराम वर्मा (बसपा)
2002- पारस नाथ यादव (सपा)
2004- (उप चुनाव) श्रद्धा यादव (सपा)
2012-श्रद्धा यादव (सपा)
2017-डा. लीना तिवारी (अद एस)